



ब्यूरो चीफ कैलाश बरफा
ग्राम पीपली । निमाड़ के धार्मिक ग्राम पीपली में पंडित नंदन शर्मा के घर प्रांगण में अपने संतान की लंबी उम्र एवं स्वस्थ जीवन कामना के लिए महिलाओं ने व्रत रख पूजा अर्चना के साथ पोथी का वाचन सुना ।
कथा वाचक मंदिर पुजारी पंडित नंदन दयाशंकर शर्मा ने बताया की
भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष की षष्ठी को हलषष्ठी (हरछठ) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन माता एवं बहने अपने संतान की लंबी उम्र एवं स्वस्थ जीवन की कामना को लेकर व्रत रखती है । घर-घर में पूजा अर्चना कर पाठ भी करती है , और ईश्वर से संतान की दीर्घायु के लिए प्रार्थना भी करती है ,उन्होंने बताया की शास्त्रों के अनुसार भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष की षष्ठी के दिन भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलदाऊ जी का जन्म हुआ था। उनका प्रमुख शस्त्र हल तथा मूसल है, इस कारण इस दिन को हलषष्ठी कहा जाता है।पारंपरिक मान्यता के अनुसार इस दिन पुत्रवती महिलाएं व्रत रखकर पलाश, ढ़ाक तथा कुश के नीचे भगवान शिव, माता पार्वती एवं गणेश जी एवम चांदी के हल की पूजा करती हैं। ताकि उनके पुत्र को स्वस्थ रखने के साथ लंबी आयु प्राप्त हो। बेटे की कुशलता के लिए माताओं में सुबह से उत्साह देखने को मिला। विधिवत पूजा अर्चन करने के साथ दिन भर व्रत धारण किया।
माना जाता है कि जो माताएं इस व्रत को करती हैं उनके पुत्र के जीवन पर आए संकट दूर होते हैं। इस व्रत में विशेष रूप से गाय के दूध और उससे तैयार दही का प्रयोग कतई वर्जित है। हां भैस के दूध, दही का सेवन किया जा सकता है। कहते हैं इस दिन जोता बोया अन्न नहीं खाना चाहिये। इसलिए इस व्रत में पसही के चावल और महुए की मिठास से बनी चीजे खा कर व्रत खोला जाता है।
पूजा अर्चना और कथा श्रवण के लिए माता बहनों की ग्राम व आसपास गांव की सेकडो महिलाए की भीड़ थी । पिपली से धार जिला ब्यूरो चीफ कैलाश बरफा की खास खबर

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