परमपिता के कार्य को करने के लिए सैनिक बनना पडता है– सिसोदिया,
नशा मुक्ति का संदेश दिया।
सरदारपुर -राजोद आंनदखेडी समय के अनुसार अपने
आप को बदलना होगा। गुरु के महत्व पर प्रकाश डाला। रूडीवादी को त्यागना होगा।गायत्री माता को जीवन में आत्मसात करना होगा।परम पिता के कार्य को करने के लिए सैनिक बनना पडता है उक्त उद्गगार शांतिकुंज. पीठ टोली के मोहन सिह सिसोदिया ने समीप के ग्राम आनंदखेडी मे चल रहे शांतिकुंज हरिद्वार के द्वारा साधना सवंर्धन वर्ष के अन्तर्गत आयोजित पंचकुण्डीय महायज्ञ के दौरान कहे । सिसोदिया ने कहा कि प्रजा अवतार पर विस्तार से बताया। हमे निर्मल बनना है।गुरु की शरण मे सब बराबर है।परम पूज्य गुरूदेव श्रीराम शर्मा के जीवन पर प्रकाश डाला। गुरूवर दया के सागर तेरा दर जगत से न्यारा। गुरु परमंपरा का निर्वहन होना चाहिए। पवित्राता हमे महान बनाती है।हमे सुख शांति चाहिए हमें पवित्रता होना चाहिए।मस्तक पर प्रतिदिन चंदन लगाना चाहिए। नशा मुक्त का भी संदेश दिया।
रात्रि मे यज्ञस्थल पर दीप यज्ञ का आयोजन हुआ।शुक्रवार को तीन दिवसीय मंत्रोच्चारण के साथ महायज्ञ की पुर्णाहुति हुई । इसके बाद आयोजन स्थल पर जनेऊ संस्कार हुआ जिसमें गांव के 27 युवाओं ने जनेऊ धारण की। महाआरती कर प्रसाद बाटा गया बडी संख्या में लोग शामिल हुए। आयोजक धाकड युवा संघ था।
फोट़ो केप्शन राजोद।।1गुरुवार को रात्रि मे दीप यज्ञ का
2 शुक्रवार को जनेऊ संस्कार का।

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