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रिपोर्ट :_ब्यूरो चीफ संतोष कुमार लहरें
जिला जांजगीर चांपा 17 दिसबंर 2023/ कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने गुरू घासीदास जयंती के अवसर पर 18 दिसबंर को जिले में शुष्क दिवस घोषित किया है। गुरू घासीदास जयंती 1756 अंतर्ध्यान अज्ञात छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर जिले के गिरोधपुरी गांव में पिता मांगू दास जी एवं माता अमरावती के कोख से जन्मे थे गुरु घासीदास जी सतनाम धर्म जिसे आम बोलचाल में सतनामी समाज कहा जाता है के प्रवर्तक थे गुरुवासी महान वेद एवं वैज्ञानिक और तर्कवादी विचारक थे गुरु घासीदास जी जन्म के ना मन कर कम को महान मानते थे भानपुरी में जहां अपने धर्म की स्थल को सैन समाज को प्रमाणित सत्य के शक्ति के साथ दिया था वहां गुरुजी के वंशज को जन्म से गुरु है आज भी निवास रन है उन्होंने अपने समय की सामाजिक आर्थिक विश्व माता शोषण तथा जातिवाद सामंतियों का अनंत्य अत्याचार को समाप्त करके मानव मानव एक समान का संदेश दिया इससे समाज के लोग बहुत ही प्रभावित थे। के अवसर पर जांजगीर चांपा जिले में सभी प्रकार की मदिरा दुकान अर्थात देशी मदिरा सी.एस.2(घघ), विदेशी मदिरा एफ.एल.1 (घघ), देशी मदिरा सी.एस. (घघ कंपोजिट), प्रीमियम शॉप चांपा, जांजगीर एवं भंडारण भंडागार जांजगीर को पूर्णतागुरू घासीदास (1756 – अंतर्ध्यान अज्ञात) छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर जिले के गिरौदपुरी गांव में पिता महंगुदास जी एवं माता अमरौतिन के कोख से जन्मे थे गुरू घासीदास जी सतनाम धर्म जिसे आम बोल चाल में सतनामी समाज कहा जाता है, के प्रवर्तक थे। गुरूजी महान बैद्य एवं वैज्ञानिकऔर तर्कवादी विचारक थे। गुरुजी जन्म से न मानकर कर्म को महान मानते थे।भंडारपुरी में जहां अपने धार्मिक स्थल को संत समाज को प्रमाणित सत्य के शक्ति के साथ दिया था, वहाँ गुरूजी के वंशज जो जन्म से गुरु हैं आज भी निवासरत है। उन्होंने अपने समय की सामाजिक आर्थिक विषमता, शोषण तथा जातिवाद सामंतीयो काअन्नयाय अत्याचार को समाप्त करके मानव-मानव एक समान का संदेश दिया। इनसे समाज के लोग बहुत ही प्रभावित थे। बंद रखने का आदेश दिया गया है। उक्त अवधि में मदिरा का संव्यवहार पूर्ण प्रतिबंधित रहेगा।


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