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Dharmendra Singh

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सच दिखाने की हिम्मत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 5 करोड़ रुपए देने की घोषणा की

गौ-शाला के संचालन की व्यवस्था का अध्ययन करने नगर निगमों से भी दल भेजे जाएंगे

गौसेवा है सनातन धर्म का आधार – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ग्वालियर 04 जनवरी 2024/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सनातन धर्म का आधार ही गौसेवा है। एक साथ सभी देवताओं की पूजा करना हो तो केवल गौमाता की पूजा करने से सभी देवता प्रसन्न हो जाते हैं। लाल टिपरा गौशाला इस बात का उराहरण है कि जहां संतो का प्रताप होता है वहां काम पूरे हो जाते हैं। उन्होने कहा कि लाल टिपारा गौशाला को प्रदेश की आदर्श गौशाला बनाया जायेगा। साथ ही ऐसी अन्य स्थानों पर ऐसी आदर्श गौशाला स्थापित करने के लिए कार्य योजना बनाई जाएगी। आदर्श गौशाला के अध्ययन के लिए अन्य नगर निगम से दलों को भेजा जाएगा। उन्होने लाल टिपरा गौशाला के लिये पांच करोड़ रूपये देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने आज ग्वालियर स्थित लाल टिपारा आदर्श गौशाला के टीन शेड और सीसी रोड कार्यों का लोकार्पण किया। केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और विधानसभा अधक्षय श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने गौ पूजन कर गायों को शेड में प्रवेश कराया।

इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जो भी व्यक्ति अपने घर में गौपालन कर रहा है वे सभी गोपाल हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद यशोदा मां के आंगन में गाय के दूध, दही, माखन से ही उनका लालन-पालन हुआ था। गौ माता में हमारे 33 करोड़ देवी देवता भी विराजमान है

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत एक सनातन भूमि है और इसे स्वर्ग बनाने में संतों का ही एकमात्र योगदान है। विश्व के सभी देशों की समस्या है कि उनके कोई संत नहीं है और हमारे यहां संतों के प्रताप से हर अधूरे काम पूरे हो जाते हैं। जहां-जहां भी संतों की उपस्थिति होती है वहां कार्य अपने आप पूर्ण हो जाता है।

लाल टिपारा गौशाला के टीन शेड और सीसी रोड निर्माण सांसद निधि से कराया गया है। इस अवसर पर केंद्रीय उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर, ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, संत श्री अच्युदानंद, संत समाज और अन्य अतिथिगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव, केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया और विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर ने गौ पूजन कर गायों को शेड में प्रवेश कराया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सीएसआर फंड से 31 करोड रुपए की लागत से सीएनजी प्लांट भी यहां बनाया जा रहा है जिसमें 7 करोड़ की सीएनजी का उत्पादन होगा जिससे नगर निगम के वाहन चलेंगे। इससे गौशाला को आय भी होगी और उसके संचालन के लिए अतिरिक्त रूप से राशि भी उपलब्ध रहेगी।

कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युमन सिंह तोमर, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, सांसद सदस्य श्री विवेक नारायण कुशवाह, पूर्व मंत्री श्री भारत सिंह कुशवाह, पूर्व विधायक श्री मुन्नालाल गोयल, संत समाज से ऋषव देव और अन्य संत उपस्थित रहे।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन एवं इस्पात मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि उनके भवन में भी 100 से अधिक गाय हैं और यह राजमाता के समय से परंपरा चली आ रही है। लाल टिपारा स्थित गौशाला को व्यवस्थित बनाने के लिए ग्वालियर के सभी लोगों ने योगदान दिया है।

केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने कहा की हिंदू धर्म में मान्यता है कि गौ माता के खुर की धूल माथे पर लगाने से जीवन के सभी पाप धुल जाते है। महात्मा गांधी ने कहा था कि भारत की आत्मा गांव में बसती है और गांव की आत्मा गाय में बसती है। भारत भूमि की संस्कृति का अभिन्न अंग गाय है इस धरोहर को पीढ़ी दर पीढ़ी हमे संभालना है।

विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा की लाल टिपारा गौशाला सेवा में 2004 से जुड़े हुए हैं और लगातार यह प्रयास में है कि गौशाला को व्यवस्थित बनाया जाए जिससे गौ माता का संरक्षण संवर्धन हो सके। इस गौशाला को पूरे विश्व में स्थान मिलेगा । सीएनजी प्लांट लगने के बाद इसको पूरे देश के लोग देखने आएंगे।

इंडियन आयल के 31 करोड़ के सीएसआर फंड से गोबर गैस प्लांट लगाया जा रहा है जिसमें 100 टन गोबर और अवशिष्ठ से 7 करोड़ की सीएनजी गैस का उत्पादन होगा। हरित प्रोजेक्ट से पर्यावरण को भी लाभ होगा गायों का संरक्षण होने के साथ अर्थव्यवस्था में भी सुधार होगा।

संत श्री अच्युतानंद महाराज ने कहा कि गाय हमारी भारतीय संस्कृति का आधार स्तंभ है। आदिकाल से ही गायों का महत्व हमारे जीवन में रहा है। वैदिक परंपरा उत्तर वैदिक परंपरा से लेकर वर्तमान तक गायों की उपयोगिता हमेशा रही है। गायों के संरक्षण के लिए शासन स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं और इस प्रकार की गौशालाओं को हर नगर निगम क्षेत्र में बनाया जाए जिससे कि वह संवर्धन के साथ-साथ भारतीय परंपरा को भी बनाए रखा जा सके।