*कलेक्टर ने स्टाम्प व पंजीयन शुल्क के अपवंचन को रोकने कालोनी विकास के बंधक विलेखों की जांच के दिए निर्देश*
*जिला पंजीयक करेंगे कालोनी विकास नस्तियों की जांच*
*कलेक्टर श्री प्रसाद ने नस्तियों के निरीक्षण हेतु तिथियां की निर्धारित*
*नगर निगम के लिए तय की गई 19 मार्च से 21 मार्च तक की समय-सीमा*
*नगरीय निकाय विजयराघवगढ़, कैमोर और बरही हेतु 22 मार्च की तिथि तय*
कटनी – कालोनाईजर द्वारा बंधक पत्रों मे निर्धारित विकास व्यय से कम राशि दर्शाकर स्टाम्प व पंजीयन शुल्क के अपवंचन के मद्देनजर कलेक्टर अवि प्रसाद ने कॉलोनी विकास हेतु संपादित बंधक विलेखों की जांच के निर्देश जिला पंजीयक को दिये है।
कलेक्टर श्री प्रसाद ने आयुक्त नगर निगम कटनी और प्रभारी अधिकारी कालोनी सेल को लिखे पत्र मे कटनी जिले हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए निर्धारित लक्ष्य 145 करोड़ के विरूद्ध अब तक मात्र 120 करोड़ की राजस्व प्राप्ति होने का उल्लेख किया है। राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य की पूर्ति के लिए कलेक्टर ने शासन द्वारा समय-समय पर जारी पत्रों का उल्लेख किया है जिसमे जिले के लोक कार्यालयों का निरीक्षण कर कमी स्टाम्प शुल्क वाले दस्तावेजों में शुल्क वसूली किये जाने के निर्देश है।
साथ ही नगरीय क्षेत्र में कालोनाईजर द्वारा आंतरिक विकास कार्य सुनिश्चित करने हेतु भू-खंड भवन इत्यादि के बंधक रखे जाने के प्रावधान है। जिनपर स्टाम्प डयूटी प्रभार्य है और इनका पंजीयन भी अनिवार्य है। लेकिन यह देखा गया है कि अनेक कालोनाईजर द्वारा बंधक पत्रों में निर्धारित विकास व्यय से कम राशि दर्शाई जा रही है जिससे स्टाम्प डयूटी एवं पंजीयन शुल्क का अपवंचन हो रहा है।
कलेक्टर ने जिला पंजीयक से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर नगरीय निकायों की कॉलोनी विकास संबंधी नस्तियों का निरीक्षण करने के लिए जिला पंजीयक कार्यालय मे कालोनी विकास से संबंधित नस्तियां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। कालोनी विकास की नस्तियां आयुक्त नगर निगम 19 मार्च से 21 मार्च तक जिला पंजीयक से जांच करायेंगे। वहीं प्रभारी अधिकारी कालोनी सेल कलेक्टर कार्यालय को नगरीय निकाय विजयराघवगढ़, कैमोर और बरही के प्रकरणों की जांच हेतु 22 मार्च की तिथि नियत की गई है।

More Stories
कटनी में अवैध खनन का बड़ा खेल: पढ़रेही–जमुआनि में दिन-दहाड़े उत्खनन, प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप महीनों से जारी लाइमस्टोन खनन, भारी मशीनों और डंपरों की आवाजाही—खनिज विभाग की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल
स्वत: संज्ञान का मामला, अत: हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जा सकती – हाई कोर्ट ने टिप्पणी के साथ आशुतोष दीक्षित का आवेदन किया निरस्त – भाजपा विधायक संजय पाठक के विरुद्ध आपराधिक अवमानना का मामला
कलेक्टर को भेंट की ‘नई राहें नये अवसर’ पुस्तिका