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20 अगस्त 2024, जयपुर ,अजमेर रोड स्थित वीर बलिदानी स्थल पर प्रदेश भर से पहुंचे भूतपूर्व सैनिकों ने एक दिवसीय धरना दिया। सेवारत भारतीय सेना के सिपाही अरविंद सिंह के साथ 11 अगस्त 2024 को शिप्रा पथ स्थित पुलिस थाना अधिकारी द्वारा थाने में मारपीट किए जाने के आरोप की निष्पक्ष जांच एवं न्याय दिलाने के लिए एकदिवसीय धरना दिया गया । धरने में बड़ी संख्या में प्रदेश के पूर्व सैनिक संगठनों के पदाधिकारी एवं सदस्यों द्वारा हिस्सा लिया गया । यह धरना भारी वर्षा के बीच भी जारी रहा । 11 अगस्त 2024 की घटना की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान सरकार के सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ द्वारा जयपुर के शिप्रा पथ पुलिस स्टेशन पहुंचकर सैनिक के साथ की गई मारपीट पर संज्ञान लिया, जिसके उपरांत दोषी पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर करते हुए जांच शुरू कर दी गई है। घटना को लेकर प्रदेश भर में भूतपूर्व सैनिक एवं सैनिकों में रोश साफ-साफ देखा जा सकता है।
धरने के दौरान विभिन्न भूतपूर्व सैनिक संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी द्वारा विचार गोष्ठी के उपरांत बारी बारी अपने विचार प्रस्तुत किये। पीड़ित सैनिक एवं उसके परिवार के सदस्यों की सरकार द्वारा की जा रही जांच पर संदेह जताते हुए आग्रह किया गया कि आरोपी पुलिस अधिकारी को निलंबित किए बिना जांच की विश्वसनीयता पर संदेह के घेरे में रहेगी।
मीडिया बंधुओ से चर्चा करते हुए भूतपूर्व सैनिक सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल देव आनंद ने पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच करवाने की मांग को दोहराते हुए पूर्व कांग्रेस सरकार के 5 वर्ष के शासनकाल में पुलिस द्वारा सैनिकों के खिलाफ दर्ज किए मुकदमे पुनः विचार किए जाने के लिए कमेटी का गठन किया जाना चाहिए एवं कर्नल दीपक मील पर 3 वर्ष पूर्व पुलिस थाने में मारपीट किए जाने के प्रकरण पर लंबे समय से चली आ रही जांच को समय बंद पूरा करने के लिए आदेश दिए जाने का आग्रह किया । कर्नल ने बताया कि जब संविधान तथा सेना नियम के अंतर्गत सेना में नौकरी कर रहे किसी भी सैनिक को पुलिस द्वारा अरेस्ट( हत्या एवं रेप ) किए जाने पर पाबंदी होने के बावजूद भी गत वर्षो में पुलिस द्वारा सैनिकों को अरेस्ट एवं उन पर मारपीट किए जाने के इल्जाम लगते रहे हैं। इस प्रकार के प्रकरणों से सैनिकों एवं सैनिक परिवारों का मनोबल कमजोर होता है । उन्होंने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से भी आग्रह किया कि सेना एवं पुलिस दोनों ही राष्ट्र सुरक्षा के अहम अंग है एवं दोनों के बीच में एक दूसरे के लिए सम्मान तथा प्रेम बनाए रखना अत्यंत जरूरी है । भूतपूर्व सैनिकों द्वारा दो दिन का समय किसी प्रकार का धरना प्रदर्शन नहीं किए जाने की पुलिस द्वारा मांग के मध्य नजर धरना समाप्त कर दिया गया एवं दो दिन इंतजार करने का फैसला किया गया ।
प्रमुख पदाधिकारी द्वारा इस धरने में शामिल होने वाले कर्नल दीपक मील, भूतपूर्व सैनिक सेवा समिति प्रदेश महामंत्री कमांडो मुकेश गुर्जर, PGSA अध्यक्ष कैप्टेन किशनलाल चौधरी, महासचिव कैप्टेन केशर देव गुर्जर, FVA के अध्यक्ष सुबेदार अर्जुन सिंह राठौड़, भूतपूर्व सैनिक सेवा समिति जयपुर महामंत्री हवलदार नरेंद्र सिंह राठौड़, हवलदार रुस्तम खान, हवलदार रेखराज सिंह, पेटी ऑफिसर धर्मेन्द्र, हवलदार वीरेंद्र सिंह, सुबेदार श्रवण सिंह, कमांडो हिम्मत सिंह, रविन्द्र फ़ौजी,, सुबेदार राजेन्द्र सिंह, , नवरत्न टीम से सत्येन्द्र मांजू और सुरेश शर्मा के साथ सैंकड़ों पूर्व सैनिक तथा साथ ही पीड़ित सैनिक के पिताजी भी अपने बेटे को न्याय दिलाने के लिए मौजूद रहे।

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