लोकेशन – आष्टा
श्वेतांबर समाज का सामूहिक मिच्छामी *दुक्कड़म कार्यक्रम हुआ संपन्न
*नपाध्यक्ष प्रतिनिधि* *रायसिंह मेवाड़ा का समाजजनों ने किया बहुमान*

श्वेतांबर जैन धर्म का सबसे पवित्र आध्यात्मिक पर्वों के राजा पर्वाधिराज पर्यूषण के समापन पश्चात्् मालव गिरनार तीर्थ किला स्थित मंदिर में सामूहिक मिच्छामी दुक्कड़म कार्यक्रम मुनिश्री के प्रवचन के साथ प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम में समाज के संगठनों प्रमुखों द्वारा अपने विचार व्यक्त कर सामूहिक मिच्छामी दुक्कड़म कहा। तत्पश्चात्् पर्यूषण के दौरान तप-त्याग करने वाले तपस्वियों का बहुमान कर अनुमोदना की गई। वहीं समाज के उज्जवल भविष्य शिक्षा सहित अन्य गतिविधियों में अग्रणी भूमिका निभाने वाले प्रतिभाशालियों का भी सम्मान किया।
समाज अध्यक्ष पवन सुराना, पूर्व नपाध्यक्ष डॉ. मीना सिंगी, विनीत सिंगी, राहुल चतरमुथा, आलोक वोहरा, लोकेन्द्र बनवट, गुलाबचंद सुराना, अशोक देशलहरा द्वारा सामूहिक मिच्छामी दुक्कड़म कार्यक्रम में अतिथि के रूप में उपस्थित नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा, पार्षदगण रवि शर्मा, तेजसिंह राठौर, विशाल चौरसिया, सुभाष नामदेव, तारा कटारिया, सकल समाज अध्यक्ष अनिल श्रीवास्तव, पत्रकारगण सुशील संचेती, किरण रांका, धनंजय जाट, संदीप छाजेड़ का भी बहुमान किया गया। इस अवसर पर नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने उपस्थित समाजजनों को सामूहिक रूप से मिच्छामी दुक्कड़म कहते हुए कहा कि क्षमा करना सबसे बड़ा पुण्य है। संवत्सरी पर प्राणी मात्र से मन, वचन व काया से मिच्छामी दुक्कड़म करते हैं। जाने-अनजाने में हुई भूलों व गलतियों को क्षमा करें। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्वेतांबर समाज के श्रावक-श्राविकाएं मौजूद थी।
आष्टा से किरन रांका की रिपोर्ट

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