Chief Editor

Dharmendra Singh

Office address -: hanuman colony gole ka mandir gwalior (m.p.) Production office-:D304, 3rd floor sector 10 noida Delhi Mobile number-: 9806239561, 9425909162

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 17, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

देश की प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की प्रतिमा स्थापित करने सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सौंपा ज्ञापन

लहार : – शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दबोह के परिसर में स्थित राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले पार्क में उनकी प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर डी सी मौर्य के मार्गदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता वीरू धनोलिया ने नेतृव करते हुए एसडीएम लहार को एक ज्ञापन सौंपा।
एवं वीरू धनोलिया ने बताया की राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले, जो भारत की प्रथम महिला शिक्षिका थीं, उनका शिक्षा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान रहा है। उनके नाम से एक पार्क का निर्माण विद्यालय परिसर में किया गया था, लेकिन आज तक उस पार्क में उनकी प्रतिमा स्थापित नहीं की गई है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि इस महान महिला शिक्षिका की प्रतिमा को वहां स्थापित करना न केवल एक सम्मान की बात नहीं है, बल्कि उनके योगदान की स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखना भी आवश्यक है।

श्री डीसी मौर्य, जो पहले इसी विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य के पद पर कार्य कर चुके हैं, ने माता सावित्रीबाई फुले की प्रतिमा विद्यालय को दान करने की पेशकश की है। सामाजिक कार्यकर्ता मांग कर रहे हैं कि इस प्रतिमा को जल्द से जल्द पार्क में स्थापित किया जाए। उनका कहना है कि यदि उनकी मांग को नजरअंदाज किया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

सामाजिक कार्यकर्ता इंजीनियर वीरू धनोलिया के साथ इस ज्ञापन में कई अन्य लोग भी शामिल थे, जिनमें एडवोकेट गोपीलाल कुशवाह, आशीष कुशवाह, जितेंद्र बघेल, लाल सिंह, आनंद सिल्पकार, ब्रजेंद्र, मुकेश कुशवाह देवेंद्र कुशवाह, योगेंद्र बघेल और अन्य कई लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में यह मांग की कि माता सावित्रीबाई फुले की प्रतिमा जल्द से जल्द पार्क में स्थापित की जाए ताकि आने वाली पीढ़ियों को उनके योगदान से प्रेरणा मिल सके।
आगे वीरू धनोलिया ने बताया यह मुद्दा शिक्षा के महत्व और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। सावित्रीबाई फुले ने अपने समय में नारी शिक्षा के लिए संघर्ष किया और अपने जीवन का अधिकांश समय सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने में लगाया। उनकी प्रतिमा उन संघर्षों की याद दिलाती है जो उन्होंने महिलाओं और पिछड़े वर्गों को शिक्षा के अधिकार दिलाने के लिए किए थे।

यह पार्क न केवल माता सावित्रीबाई फुले की स्मृति को संजोएगा, बल्कि यह उस उद्देश्य को भी आगे बढ़ाने का एक प्रतीक होगा, जिसके लिए उन्होंने अपना जीवन समर्पित किया। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार से अपील की है कि इस प्रतिमा की स्थापना जल्द की जाए ताकि यह पार्क सावित्रीबाई फुले के आदर्शों को जीते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बन सके।

सावित्रीबाई फुले की प्रतिमा का यह मुद्दा सामाजिक जागरूकता और महिलाओं की शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। यह ज्ञापन दबोह के लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की आवाज है, जो यह दर्शाता है कि वे अपने समाज में बदलाव लाने के लिए संगठित हैं। यदि इस ज्ञापन की मांग पूरी होती है, तो यह दबोह के समाज के लिए एक ऐतिहासिक पल होगा।

ज्ञापन देने वाले सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे इस मुद्दे पर दृढ़ हैं और जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, वे शांत नहीं बैठेंगे। इस ज्ञापन के साथ, सामाजिक कार्यकर्ता उम्मीद करते हैं कि प्रशासन उनकी मांग को संज्ञान में लेगा और सावित्रीबाई फुले की प्रतिमा जल्द से जल्द स्थापित की जाएगी।