
ग्वालियर के मुरार में स्थित विद्या भारती के संस्था सरस्वती शिशु मंदिर संस्कार धाम में आज विद्यालय में अर्द्ध वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किया गया जिसमें जिला एवं विभाग की संस्कृति महोत्सव, विज्ञान मेला ,बौद्धिक गणित एवं खेल प्रतियोगिता और अर्द्ध वार्षिक परीक्षा में कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर भैया बहनों को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया। साथ ही अभिभावक एवं शिक्षक की मीटिंग का भी आयोजन हुआ जिसमें सरस्वती शिशु मंदिर संस्कार धाम के प्राचार्य श्री प्रबल पुरोहित द्वारा बच्चों पीटीएम के बारे बताया गया उन्होंने कहा कि कुछ पेरेंट्स को लगता है कि उनका बच्चा तो स्कूल में बहुत अच्छा कर रहा है, तो उन्हें पीटीएम में जाने की क्या जरूरत है? लेकिन आपके बच्चे के विकास से जुड़ी कुछ बातें तो स्कूल जाने पर ही पता चलती है, इसलिए आपको अपने बच्चे की हर प्रोग्रेस जानने के लिए पीटीएम में जाना चाहिए। दरअसल, अभिभावक और टीचर्स के आपस में बातचीत का मुख्य मकसद बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना होता है। उसके व्यक्तित्व से जुड़ी बातों को एक-दूसरे से शेयर करना और उसकी कमियों को जानना भी है। शैक्ष्ाणिक स्तर पर बच्चे में जो कुछ भी कमियां हैं, उसे दोनों तरफ से प्रयास करके, दूर करने की कोशिश करना भी है। इतने अच्छे उद्देश्य होने के बावजूद पीटीएम को लेकर टीचर्स और पेरेंट्स कुछ खास उत्साहित नहीं होते है। इसे हम महज औपचारिकता भर मान लेते हैं। जिस तरह के माहौल में आज के बच्चे जी रहे हैं, उसको ध्यान में रखकर जरूरी हो गया है कि पेरेंट्स स्कूल टीचर से मिलकर अपने बच्चे के बारे सब कुछ जानें। ओर उन्होंने देवउठनी एकादशी के महत्व के बारे बताया साथ सभी भैया बहनों को शुभकामनाएं दी
ग्वालियर से दिनेश दांतरे की रिपोर्ट


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