Chief Editor

Dharmendra Singh

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January 1, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

 

 

 

 

*प्राकृतिक खेती आदान निर्माण विधियों तथा उपयोग पर विस्तृत चर्चा की*

  झाबुआ से_अमित सिंह जादौन _भारत सरकार द्वारा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती (NMNF) मिशन प्रारम्भ किया गया है। जिसका उद्देश्य सभी के लिए सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्राकृतिक खेती कार्य प्रणालियों को बढ़ावा देते हुए किसानों को खेती में आने वाली लागत को कम करना और बाहर से खरीदे गए संसाधनों पर निर्भरता को कम करना है। साथ ही प्राकृतिक खेती करने वाले कृषकों को सर्टिफिकेट देकर प्राकृतिक खेती का प्रमाणीकरण किया जाता हैं ।

ग्राम खेड़ी मे कलेक्टर नेहा मीना ने प्राकृतिक खेती कर रहे किसान श्री विमल भाबोर के खेत का भ्रमण किया, किसान से प्राकृतिक खेती आदान निर्माण की विधियों तथा उपयोग पर विस्तृत चर्चा की। कृषक श्री विमल भाबोर ने उनके खेत पर निर्मित जीवांमृत, नीमास्त्र, ब्रम्हास्त्र जैसे अदानों का जीवन्त प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (NMNF) अंतर्गत बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर (BRC) की यूनिट कृषक श्री विमल भाबोर के यहां स्थापित की जाएगी। जिससे प्राकृतिक खेती हेतु चयनित क्लस्टर के किसानों को जैविक आदान सुलभता से उपलब्ध हो सके। साथ ही उनके द्वारा बताया गया कि सर्टिफिकेशन के प्रक्रिया के तहत आवेदन किया जा चुका। कलेक्टर ने किसान बंधु से आदान निर्माण की विधियों एवं प्रक्रिया को अन्य किसानों को भी सीखा कर प्राकृतिक खेती के महत्व को समझाने को कहा।

*राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती (NMNF) मिशन*

झाबुआ जिले में कृषि विभाग द्वारा प्राकृतिक खेती जागरूकता, उन्मुखीकरण कार्यक्रम के माध्यम से कृषकों को प्राकृतिक खेती पद्धति के गुढ़ रहस्यों के साथ-साथ सैद्धांतिक और व्यवहारिक बारिकीयों से भी सुपरिचित करवाया जा रहा है। गोबर, गौ-मूत्र, गुड़, बेसन, चूना, सजीव मिट्टी के साथ-साथ नीम करंज धतुरा, सीताफल, पपीता, अरण्डी, अमरूद इत्यादि पत्तीयों के संयोजन से जीवांमृत, बीजांमृत, घनजीवांमृत, नीमास्त्र, ब्रम्हास्त्र का सजीव ढंग से निर्माण करने की विधि को बताया जा रहा है। प्राकृतिक खेती के लिये आवश्यक मूलभूत आदान जैसे बीजांमृत, घनांमृत, जीवांमृत, ब्रम्हास्त्र, नीमास्त्र के नीर्माण की विधिया भी विकासखण्ड स्तर के मैदानी अमले द्वारा कृषकों सिखाई जा रही है।

क्षेत्र भ्रमण के दौरान जिले के उप संचालक कृषि श्री एन.एस.रावत, सहायक संचालक उद्यानिकी बी.एस. चौहान, अनुविभागीय कृषि अधिकारी एल एस चारेल, उप परियोजना संचालक आत्मा एम. एस. धार्वे, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री विजय मोरे ओर मैदानी अमला उपस्थित रहे।