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Dharmendra Singh

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April 2, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

सरकारी स्कूल में रील बनाने का मामला खनियाधाना क्षेत्र के नदावन गांव का है जहां 15 अगस्त को स्कूल में कुछ युवाओं ने रील बना दी

 

सरकारी स्कूल में रील बनाने का मामला खनियाधाना क्षेत्र के नदावन गांव का है जहां 15 अगस्त को स्कूल में कुछ युवाओं ने रील बना दी गई महत्वपूर्ण बात यह है की जब रील बनाई जा रही थी तो स्कूल के शिक्षक कहां थे उनकी उपस्थिति या अनदेखी ने इस तरह की गतिविधियों को बढ़ावा क्यों दिया गया सरकारी स्कूलों में इस तरह की गतिविधियों से उनकी गरिमा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंच सकती है स्कूलों को शिक्षा के उद्देश्य से बनाया गया है ना की

फिल्माकन के लिए खनियाधाना क्षेत्र में लगातार शिक्षा विभाग में आसुविधा देखी जा रही हैं ताजा मामला खनियाधाना अंतर्गत आने वाले नदावन गांव का है जहां सरकारी स्कूल में कुछ युटुबार ने 15 अगस्त पर स्कूल में रील बनाई आपको बता दें कि सरकारी स्कूल में रील बनाई गई है तो उसे समय स्कूल के टीचर कहां थे स्कूल में रील बनाना जिम्मेदार कहां थे यह नटवन गांव का सरकारी स्कूल है जहां शिक्षा के मंदिर में कुछ युवाओं ने 15 अगस्त पर रेल बनाने का फैसला लिया लेकिन सवाल यह है कि स्कूल के शिक्षक कहां थे यू आर रियल बनाते हुए दिख रहे हैं लेकिन स्कूल शिक्षक नहीं दिख रहे सरकारी स्कूल में रेल बनाना कहां तक सही है यह शिक्षा की उद्देश्य को कहां तक पूरा करता है सरकारी स्कूल में रेल बनाने का यह मामला बहुत गंभीर है और कई सवाल उठता है सरकारी स्कूल में रेल बनाना एक बड़ा मुद्दा बन गया है खासकर जब यह स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर किया जाता है इस मामले में खनियाधाना के नटवन गांव के एक सरकारी स्कूल के कुछ यूट्यूब पर ने 15 अगस्त पर रेल बने जिस स्कूल की गर्म और शिक्षा की माहौल पर सवाल उठने लगे हैं स्कूल में रेल बनाने के दौरान शिक्षकों की उपस्थिति या सहभागिता एक बड़ा सवाल है शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि बीच छात्रों को सही दिशा में मार्गदर्शन करें और स्कूलों के नियमों का पालन सुनिश्चित करें सरकारी स्कूलों में रेल बनाना और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करना स्कूलों की छवि को खराब कर सकता है इससे लोगों के मन में सरकारी स्कूलों के प्रति नकारात्मक धारणा बन सकती है अब देखना यही होता है की जिम्मेदार अधिकारी क्या कार्यवाही करते है

खनियाधाना संवाददाता से अजय शर्मा