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Dharmendra Singh

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May 16, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

जबलपुर से अनुराग शुक्ला की रिपोर्ट

जबलपुर। जिले के सिहोरा वन परिक्षेत्र के ग्राम घुघरा स्थित मेसर्स निसर्ग इस्पात प्रा. लि. के परिसर में झाड़ियों के बीच एक तेंदुआ मृत अवस्था में पाया गया। यह घटना 24 अक्टूबर की रात लगभग 11:30 बजे सामने आई, जब मुखबिर से वन विभाग को सूचना प्राप्त हुई।

सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा और वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। स्थल पर जांच के दौरान समीप ही एक जंगली सुअर का शव भी बरामद किया गया। उल्लेखनीय है कि 12 अक्टूबर को भी इसी क्षेत्र में एक जंगली सुअर की मौत दर्ज की गई थी, जिसकी जांच वन अपराध प्रकरण के तहत पहले से जारी है।

पोस्टमॉर्टम में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
मृत तेंदुए और जंगली सुअर के शवों को नानाजी देशमुख वेटरनरी कॉलेज, स्कूल ऑफ वाइल्डलाइफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ, जबलपुर भेजा गया। 26 अक्टूबर को किए गए पोस्टमॉर्टम में यह सामने आया कि तेंदुए की मौत बिजली के करंट से हुई थी।
इसके अलावा जांच में पाया गया कि तेंदुए के 18 नाखून और 4 कैनाइन दांत मौत के बाद निकाल लिए गए थे।

वन विभाग ने दर्ज किया प्रकरण
डीएफओ ऋषि मिश्रा ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद तेंदुए का शवदाह कर दिया गया है। इस मामले में वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

फैक्ट्री परिसर से मिले पांच शव
शनिवार तड़के वन विभाग को सूचना मिली कि निसर्ग इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के फार्महाउस परिसर में तेंदुए का शव दफनाया गया है। टीम ने जेसीबी की मदद से खुदाई करवाई तो एक के बाद एक पांच शव — एक तेंदुआ और चार जंगली सूअर — बरामद हुए।

तीन गिरफ्तार, फैक्ट्री मालिक जांच से बाहर
अब तक निसर्ग इस्पात प्रा. लि. के मैनेजर अनुराग द्विवेदी, जेसीबी ऑपरेटर बृजेश विश्वकर्मा और कर्मचारी मोहित दहिया को गिरफ्तार किया जा चुका है।
हालांकि, फैक्ट्री मालिक महेंद्र गोयनका अब तक जांच के घेरे में नहीं आए हैं, जिससे कई सवाल उठ रहे हैं।

जांच में जुटी टाइगर स्ट्राइक फोर्स और डॉग स्क्वॉड
इस सनसनीखेज वारदात की जांच के लिए कान्हा टाइगर रिजर्व, मंडला से डॉग स्क्वॉड बुलाया गया है। इसके अलावा टाइगर स्ट्राइक फोर्स और वन अमला भी लगातार क्षेत्र में सर्चिंग और साक्ष्य जुटाने में लगे हुए हैं।