डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में प्रोजेक्ट का रिव्यू*

जिले के किसानों को मॉडर्न एग्रीकल्चरल टेक्नोलॉजी देने और उनके प्रोडक्ट्स के लिए मार्केट देने के लिए गढ़चिरौली में ‘कोया कृषि कुंभ’ 2025-26, एक डिस्ट्रिक्ट एग्रीकल्चरल फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा।
डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अविश्यंत पंडा की अध्यक्षता में इस फेस्टिवल की तैयारियों की एक रिव्यू मीटिंग हुई, जिसमें प्रोजेक्ट के अलग-अलग पहलुओं पर डिटेल में चर्चा की गई। डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने इस एग्रीकल्चरल फेस्टिवल के ज़रिए मॉडर्न एग्रीकल्चरल टेक्नोलॉजी और सरकारी एग्रीकल्चरल से जुड़ी योजनाओं को जिले के ज़्यादा से ज़्यादा किसानों तक पहुंचाने की योजना बनाने के निर्देश दिए।
डिस्ट्रिक्ट सुपरिटेंडेंट एग्रीकल्चर ऑफिसर प्रीति हिरलकर, डिस्ट्रिक्ट रूरल डेवलपमेंट एजेंसी के प्रोजेक्ट ऑफिसर राहुल कालभोर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ फिशरीज डेवलपमेंट समीर डोंगरे, डिस्ट्रिक्ट लीडिंग बैंक मैनेजर प्रशांत ढोंगले, डिस्ट्रिक्ट एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर किरण खोमाने मौजूद थे।
यह एग्रीकल्चर फेस्टिवल 5 से 9 फरवरी 2026 तक ऑर्गनाइज़ किया जाना प्रपोज़्ड है। इसकी प्लानिंग महाराष्ट्र सरकार के एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के तहत ‘आत्मा’ सिस्टम के ज़रिए की जा रही है। इस ‘कोया कृषि कुंभ’ को ऑर्गनाइज़ करने का मेन मकसद किसानों को सीधे लेटेस्ट एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी और सरकारी स्कीमों की जानकारी देना, किसानों, एग्रीकल्चर साइंटिस्ट और मार्केटिंग चेन के बीच कोऑर्डिनेशन बनाना, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों को एम्पावर करना, किसान से कंज्यूमर तक डायरेक्ट सेल्स चेन डेवलप करके बिचौलियों की ज़रूरत कम करना और सेमिनार के ज़रिए किसानों की प्रॉब्लम को मौके पर ही सॉल्व करना है। प्रीति हिरलकर ने कहा कि इसमें ‘कोया’ शब्द यहां के ट्राइबल कम्युनिटी से जुड़ा है और यहां की मिट्टी, कल्चर और ट्रेडिशन के हिसाब से लाइफ़स्टाइल को दिखाता है, इसलिए इसका नाम ‘कोया कृषि कुंभ’ रखा गया है।
प्रीति हिरलकर ने बताया कि एग्रीकल्चर एग्ज़िबिशन में सरकारी पवेलियन, अलग-अलग एग्रीकल्चर कंपनियों के स्टॉल, खाने-पीने की चीज़ें और एग्रीकल्चर डेमोंस्ट्रेशन दिए जाएंगे। यहां करीब 300 स्टॉल लगाए जाएंगे। इस मौके पर एग्रीकल्चर प्रोसेसिंग और एग्रीकल्चर कॉम्प्लिमेंट्री बिज़नेस पर आधारित एक्सपर्ट सेमिनार भी ऑर्गनाइज़ किए जाएंगे। साथ ही, इस फेस्टिवल में ज़िले में शानदार काम करने वाले अवॉर्ड विनिंग किसानों को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही, ग्रेन फेस्टिवल और बायर-सेलर कॉन्फ्रेंस के ज़रिए किसानों के सामान को सीधा मार्केट भी दिया जाएगा।
फेस्टिवल की सफलता के लिए डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर अविश्यंत पंडा के गाइडेंस में अलग-अलग कमेटियां बनाई गई हैं। इनमें मॉनिटरिंग एंड कोऑर्डिनेशन कमेटी, फाइनेंस एंड अकाउंट्स कमेटी, वेलकम एंड इनॉगरेशन कमेटी जैसी 20 से ज़्यादा कमेटियां शामिल हैं।
महेश पांडुरंग शेंडे की रिपोर्ट…

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