गांवों को स्वस्थ ग्राम बनाने के लिए निर्धारित किए गए 18 सूचकांकों पर काम किया
जाए-सीईओ
धौलपुर, 8 जनवरी। ब्यूरो विजय शर्मा गांवों को स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के साथ आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना की शुरुआत की गई है। परम्परागत चिकित्सा पद्धतियों जैसे आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा और प्राकृतिक जीवन शैली को बढ़ावा देना है। इसी संबंध में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद ए एन सोमनाथ की अध्यक्षता में जिला परिषद सभागार में बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन के लिए जिला कलेक्टर की देखरेख में एक जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति का मुख्य कार्य सरकार द्वारा तय किए गए 18 सूचकांकों पर गांवों के काम की निगरानी करना और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि योजनान्तर्गत जिले की चयनित ग्राम पंचायत मांगरोल, तसीमो, सिलावट, खिडौरा एवं लीलोठी में योजना को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और आयुर्वेद विभाग मिलकर संयुक्त रूप से कार्य करें। योजना का मुख्य फोकस केवल बीमारियों का इलाज नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व बचाव पर ध्यान केंद्रित करना है। गांवों को स्वस्थ ग्राम बनाने के लिए निर्धारित किए गए 18 सूचकांकों पर काम किया जाए। इनमें महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग और पोषण पर ध्यान देना, स्वस्थ जीवन शैली, सही रहन-सहन और आहार के माध्यम से बीमारियों से बचाव, गांव को पूर्ण रूप से तम्बाकू मुक्त बनाना, ग्राम में औषधीय पौधों की नर्सरियों, बगीचों के प्रति जागरूकता और उनका रोपण करना, सामान्य बीमारियों में घरेलू उपचार के प्रयोग को बढ़ावा देना, ऋतु के अनुसार प्रकृति के प्रति जागरूकता और मौसमी बीमारियों से बचाव, व्यक्तिगत व सामुदायिक स्वस्थता हेतु योग एवं स्वस्थ जीवन शैली का अभ्यास, टीबी, मीजल्स, रुबेला से मुक्त ग्राम पंचायत बनाना, प्रत्येक परिवार की स्वास्थ्य प्रोफाइल बनाने सहित यह योजना जिले के चयनित ग्राम पंचायतों के लिए एक नई स्वास्थ्य क्रांति ला सकती है जिससे ये पंचायतें न केवल आत्मनिर्भर बनेंगी बल्कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक आदर्श प्रस्तुत करेंगी। आरोग्य आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के लिए जिले की 5 ग्राम पंचायत को चुना है। सभी 18 सूचकांक पूरा करने वाली ग्राम पंचायत को 11 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस अवसर पर उपनिदेशक आयुर्वेद विभाग डॉ. रमाकांत मिश्रा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. धर्मसिंह मीणा, उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग भूपेश गर्ग, परिवीक्षा एवं समाज कल्याण अधिकारी देवेन्द्र सिंह जांगल, प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारी रामेश्वर दयाल बंसल सहित सम्बन्धित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।गांवों को स्वस्थ ग्राम बनाने के लिए निर्धारित किए गए 18 सूचकांकों पर काम किया जाए-सीईओ
धौलपुर, 8 जनवरी। ब्यूरो विजय शर्मा गांवों को स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के साथ आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना की शुरुआत की गई है। परम्परागत चिकित्सा पद्धतियों जैसे आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा और प्राकृतिक जीवन शैली को बढ़ावा देना है। इसी संबंध में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद ए एन सोमनाथ की अध्यक्षता में जिला परिषद सभागार में बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन के लिए जिला कलेक्टर की देखरेख में एक जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति का मुख्य कार्य सरकार द्वारा तय किए गए 18 सूचकांकों पर गांवों के काम की निगरानी करना और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि योजनान्तर्गत जिले की चयनित ग्राम पंचायत मांगरोल, तसीमो, सिलावट, खिडौरा एवं लीलोठी में योजना को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और आयुर्वेद विभाग मिलकर संयुक्त रूप से कार्य करें। योजना का मुख्य फोकस केवल बीमारियों का इलाज नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व बचाव पर ध्यान केंद्रित करना है। गांवों को स्वस्थ ग्राम बनाने के लिए निर्धारित किए गए 18 सूचकांकों पर काम किया जाए। इनमें महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग और पोषण पर ध्यान देना, स्वस्थ जीवन शैली, सही रहन-सहन और आहार के माध्यम से बीमारियों से बचाव, गांव को पूर्ण रूप से तम्बाकू मुक्त बनाना, ग्राम में औषधीय पौधों की नर्सरियों, बगीचों के प्रति जागरूकता और उनका रोपण करना, सामान्य बीमारियों में घरेलू उपचार के प्रयोग को बढ़ावा देना, ऋतु के अनुसार प्रकृति के प्रति जागरूकता और मौसमी बीमारियों से बचाव, व्यक्तिगत व सामुदायिक स्वस्थता हेतु योग एवं स्वस्थ जीवन शैली का अभ्यास, टीबी, मीजल्स, रुबेला से मुक्त ग्राम पंचायत बनाना, प्रत्येक परिवार की स्वास्थ्य प्रोफाइल बनाने सहित यह योजना जिले के चयनित ग्राम पंचायतों के लिए एक नई स्वास्थ्य क्रांति ला सकती है जिससे ये पंचायतें न केवल आत्मनिर्भर बनेंगी बल्कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक आदर्श प्रस्तुत करेंगी। आरोग्य आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के लिए जिले की 5 ग्राम पंचायत को चुना है। सभी 18 सूचकांक पूरा करने वाली ग्राम पंचायत को 11 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस अवसर पर उपनिदेशक आयुर्वेद विभाग डॉ. रमाकांत मिश्रा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. धर्मसिंह मीणा, उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग भूपेश गर्ग, परिवीक्षा एवं समाज कल्याण अधिकारी देवेन्द्र सिंह जांगल, प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारी रामेश्वर दयाल बंसल सहित सम्बन्धित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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