
राजोद। सरदारपुर तहसील के अंतिम छोर पर बसा राजोद यू तो कई सुविधाओ से वंचित है,साफ सफाई से लेकर पीने के पानी, अतिक्रमण से अवरुद्ध होते बाजार,शिक्षा के लिए कालेज,कचरा वाहन जैसी मूलभूत सुविधाओं की दरकार है राजोद को,परन्तु सबसे ज्यादा महिला डॉक्टर की नियुक्ति को लेकर स्थानीय लोग सरकार से लंबे समय से मांग कर रहे है।
उल्लेखनीय है कि राजोद क्षेत्र से लगे ग्रामीणजन स्वस्थ्य की दृष्टि से राजोद पर ही निर्भर है,इस सम्बंध में जिला कांग्रेस सेवादल के उपाध्यक्ष सुरेश द्विवेदी ने महिला डॉक्टर की शीघ्र नियुक्ति को लेकर एक बार फिर मांग उठाई है।
उन्होंने बताया कि,तकरीबन 40 किमी,के दायरे में एक मात्र सरकारी चिकित्सक डॉ ओ.पी.परमार ही है जो लोगो को स्वाथ्य सेवाएं दे रहे है,,उन पर भी स्वस्थ विभाग के दायित्व के अलावा अन्य,जिम्मेदारी होने से गाहे बगाहे सरकारी कार्यो से बाहर आना जाना पड़ता है,ऐसे में आकस्मिक रूप से आने वाले गम्भीर मरीजो की फजियत हो जाती है,खास कर महिला मरीजो की तो और स्थिति खराब हो जाती है।
द्विवेदी का कहना है किआसपास के क्षेत्र की तीस से चालीस हजार की आबादी के मान से राजोद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजोद अब हांफने लगा है।
कोरोनाकाल में भी कई लोगो के प्राण स्वस्थ्य सुविधाओ के अभाव में चले गए। महिला डॉक्टर नही होने से प्रसूति के वक्त लोगो को धार,इंदौर,रतलाम,उज्जैन,दाहोद,जैसी जगहों की और रुख करना पड़ता है,समय पर इलाज नही मिलने से महिला मरीजो की जान पर खतरा बना रहता है। द्विवेदी ने क्षेत्रीय विधायक श्री प्रताप ग्रेवाल,व इसी क्षेत्र के मध्यप्रदेश सरकार में उधोगमन्त्री श्री राजवर्धन सिंह दत्तिगाव से मांग की है कि मानवीय आधार पर महिला डॉक्टर की शीघ्र नियुक्ति करवाई जाए ताकि लोगो को सुविधा का लाभ मिल सके । निप्र.
राजोद से राहुल राठौड़ की रिपोर्ट

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