Chief Editor

Dharmendra Singh

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May 21, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

भगवान सभी पर कृपा करते हैं,निर्मल मन जन सो मोहि पावा , मोहि छल कपट छिद्र न भावा- पंण्डित आकाश कृष्ण शास्त्री ,,, पोरसा,,,,,,,,,,,, ग्राम शाहपुरा में आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा में आज पंडित आकाश कृष्ण शास्त्री ने कहा कि हमारे लाख प्रयत्न करने के बाद भी हमारे पवित्र हृदय में विकारों का समावेश हो ही जाता है,,, भगवान सभी पर कृपा करते हैं, जिस प्रकार एक बंद कमरे में धूल के कण पहुँच ही जाते हैं और उसे गंदा कर देते हैं, उसी प्रकार विकारों का हमारे अंदर प्रवेश होना एक स्वाभाविक बात है। इसके लिए हम नियमित रूप से श्रीमद् भागवत कथा का रसपान करें तो सभी प्रकार के विकारों से बचा जा सकता है। काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, ईर्ष्या, द्वेष आदि विकार बाह्य स्थूल स्वरूप के नहीं हैं। अंतः इन विकारों को बाह्य साधनों से शुद्ध नहीं किया जा सकता है। ये विकार तो अंतःकरण पर सूक्ष्म रूप में छाये रहते हैं, इसलिए इसके लिए सूक्ष्म साधनों की आवश्यकता होती है। जैसे, सूर्य की किरणें जो सूक्ष्म हैं, गंध को पवित्र कर देती हैं, उसी प्रकार ये विकार भी स्वच्छ होते हैं, लेकिन परमात्मा और संतों के प्रकाश को अपने अंदर धारण करने पर यह विकार हट जाते है श्री शास्त्री ने कहा कि भागवत कथा से यह विकार जो सत्, रज और तम गुणों से प्रभावित रहते हैं, अपनी विषमता को त्यागकर समता में आ जाते हैं। आत्मा का प्रकाश प्रस्फुटित होकर उसी प्रकार दिखने लगता है, जिस प्रकार काई को हटाने पर निर्मल जल दिखाई देने लगता है। ऐसा निर्मल मन ही परमात्मा से साक्षात्कार का अधिकारी बन सकता है, उन्होंने कहा कि सभी संत-महात्मा कहते हैं कि प्रभु का दर्शन सर्वव्याप्त है। प्रकृति के कण-कण में भगवान का दर्शन होता है। जिस साधना में प्रेम की मिठास न हो, वह व्यर्थ का शारीरिक परिश्रम है। भक्ति, ज्ञान, योग, साधना ये सभी प्रभु की कृपा-प्राप्ति की सीढ़ियॉं हैं, जिन्हें संसार के प्राणियों से प्रेम नहीं, जिन्हें भगवान की वस्तुओं से प्रेम नहीं, ऐसे कठोर हृदय को भगवान दर्शन नहीं देते उन्होंने कहा कि भगवान शिव कहते है कि निर्मल मन जन सो मोहि पावा,मोहि कपट छल छिद्र न भावा।इसलिए पूजा में प्रेम का भाव सर्वोपरि होना चाहिए। हमारी पूजा में निष्काम भाव का रस होना चाहिए,,,,, अंत में आत्म कल्याण की कामना के लिए भगवान से सामूहिक प्रार्थना की गई

मुरैना से ब्यूरो चीफ कौशलेंद्र तोमर