इरफान अंसारी रिपोर्टर

उज्जैन पंचक्रोशी यात्रा का पुण्य लाभ मुहूर्त के अनुसार तीर्थ स्थलों पर की गई पूजा-अर्चना से मिलता है। इसे ध्यान में रखते हुए सभी यात्रि पुण्य मुहूर्त में यात्रा प्रारंभ करते हैं इससे पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
25 अप्रैल को प्रारंभ होने जा रही 118 किलोमीटर की धार्मिक यात्रा पंचक्रोशी शामिल होने जा रहे श्रद्धालु अपनी इस यात्रा से पूर्व बाबा काल भैरव के दर्शन कर प्रारंभ करेंगे।
भैरव भगवान शिव का एक उग्र रूप है, और आठ भैरवों में काल भैरव सबसे महत्वपूर्ण हैं। प्राचीन शास्त्रों की माने तो काल भैरव मंदिर को तंत्र पंथ से जोड़ा जाता है, जो एक गुप्त धार्मिक संप्रदाय है, जो काले जादू पर आधारित था। इस मंदिर में एक शिवलिंग है जो महाशिवरात्रि के दौरान इस धार्मिक स्थल पर हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।

More Stories
ग्वालियर-चंबल की पावन धरा, सांतऊ स्थित राजराजेश्वरी शक्तिपीठ शीतला माता मंदिर के पवित्र प्रांगण में भक्ति की अमृत वर्षा होने जा रही है
पोंडी चोंडी गांव में अज्ञात महिला का शव मिलने से सनसनी
ग्वालियर चम्बल क्षेत्र की पावन भूमि सांतऊ शीतला माता मंदिर, में सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन होने जा रहा है