Chief Editor

Dharmendra Singh

Office address -: hanuman colony gole ka mandir gwalior (m.p.) Production office-:D304, 3rd floor sector 10 noida Delhi Mobile number-: 9806239561, 9425909162

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
March 22, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

बीमा कम्पनी को ऐसे दस्तावेज नहीं माँगने चाहिए, जो बीमित व्यक्ति के नियंत्रण से बाहर हों- सुप्रीम कोर्ट

🟢 ऐसे मामलों में जहां एक बीमा कंपनी ने चोरी के वाहन की डुप्लीकेट प्रमाणित प्रति पंजीकरण प्रमाणपत्र जमा न करने के कारण बीमा दावे का स्वीकार करने से इनकार कर दिया, न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्न की सर्वोच्च न्यायालय की खंडपीठ ने फैसला सुनाया कि दावों का निपटान करते समय बीमा कंपनी को बहुत तकनीकी नहीं होना चाहिए है या ऐसे दस्तावेज नहीं माँगने चाहिए, जो बीमित व्यक्ति प्रस्तुत करने की स्थिति में नहीं है।
इस मामले में एक ट्रक चोरी हो गया था और उसी दिन प्राथमिकी दर्ज की गई थी और उसी दिन बीमा कंपनी को भी सूचित किया गया था।

✳️ हालांकि, बीमा कंपनी ने दावे का निपटान करने से इनकार कर दिया क्योंकि पंजीकरण प्रमाण पत्र की प्रमाणित प्रति जमा नहीं की गई थी।
जब मामला सर्वोच्च न्यायालय में पहुंचा, तो उसने नोट किया कि भले ही याचिकाकर्ता ने पंजीकरण के प्रमाण पत्र की फोटोकॉपी जमा कर दी थी, फिर भी ऐसे मामले में मूल पर जोर देना अनुचित था और अपीलकर्ता को गलत तरीके से दावे से इनकार किया गया था।

🟩 कोर्ट ने यह भी कहा कि कई मामलों में बीमा कंपनियां मामूली और तकनीकी आधार पर दावों को खारिज कर रही हैं।
अदालत के अनुसार अपीलकर्ता को अपने नियंत्रण से बाहर के दस्तावेज जमा करने के लिए कहना सही नहीं था और चूंकि उसने बहुत अधिक प्रीमियम का भुगतान किया था, इसलिए वह अपना दावा प्राप्त करने का हकदार है।

❇️ तदनुसार, अदालत ने बीमा कंपनी को 7% ब्याज के साथ 12 लाख रुपये का निर्देश दिया और याचिकाकर्ता को मुकदमे की लागत के रूप में 25k रुपये भी दिए।

शीर्षक: गुरमेल सिंह बनाम नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड केस नंबर: सिविल अपील नंबर: 4071/2022

LEGAL Update*


By – Hemant Wadia, Advocate , Ujjain

Mob. no. +91-9977665225, 8817769696


Email : hemant.wadia89@gmail.com