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March 3, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

ब्यूरो चीफ संतोष प्रजापति


बैतूल जिले के मुलताई नगर में रास्ते से जा रही नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म करने वाले दो आरोपियों को द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश ने 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह घटना करीब 4 साल पुरानी है। पीड़िता को आरोपियों ने उस समय हवस का शिकार बनाया था जब वह अपने एक दोस्त से मिलने मुलताई आई थी।

विशेष लोक अभियोजक मालिनी देशराज ने बताया 14 साल की नाबालिक 30 मार्च 2018 को अपने मित्र से मिलने ताप्ती गॉर्डन आई थी। इसी दौरान गॉर्डन में पुलिस आ गई। पुलिस ने नाबालिग को गॉर्डन में अकेले बैठने से मना किया। इस पर नाबालिग गॉर्डन से नगर के रास्ते से पैदल जा रही थी। इसी दौरान उसे दो युवक रास्ते में मिले। दोनों युवकों ने नाबालिग से पूछा कि कहां जाना है। नाबालिग ने बताया कि बैतूल जा रही हूं।


इस पर दोनों युवक बाइक से बैतूल छोड़ने का कह कर उसे बाइक पर बिठा कर हाईवे पर ले गए। वहां खेत में स्थित एक झोपड़ी में ले जाकर दोनों युवकों ने बारी-बारी से उसके साथ बलात्कार किया। दूसरे दिन सुबह दोनों युवक नाबालिग को लेकर बैतूल गए। वहां रेलवे स्टेशन के पास उसे छोड़कर दोनों भाग गए। नाबालिग ने परिजनों को उसके बैतूल में होने की जानकारी दी



परिजन नाबालिग को लेकर मुलताई आए और पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि दोनों युवक आपस में श्याम और संदीप नाम से एक-दूसरे को बुला रहे थे। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना उपरांत आरोपी श्याम पिता बंसीलाल 22 साल निवासी राजीव गांधी वार्ड मुलताई और संदीप पिता दिलीप पवार 21 साल शास्त्री वार्ड मुलताई को गिरफ्तार किया।

विवेचना उपरांत प्रकरण न्यायालय में पेश किया गया। न्यायाधीश ने मेडिकल रिपोर्ट और डीएनए रिपोर्ट के आधार पर आरोपी श्याम पिता बंसीलाल और संदीप पिता दिलीप पवार को धारा 366 के आरोप में दोषी ठहराते हुए सात-सात साल के सश्रम कारावास और 2 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। इसी तरह आईपीसी की धारा 376-डी और पास्को एक्ट के आरोप में 20-20 साल के सश्रम कारावास की सजा और 5000 रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।