Chief Editor

Dharmendra Singh

Office address -: hanuman colony gole ka mandir gwalior (m.p.) Production office-:D304, 3rd floor sector 10 noida Delhi Mobile number-: 9806239561, 9425909162

February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728  
February 4, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

सारणी।आज सरस्वती विद्या मंदिर सारणी में हरियाली अमावस्या उत्सव मनाया गया सभीछोटे से लेकर बड़े बच्चों ने तरह-तरह के पेड़ पौधे वृक्षारोपण के लिए लेकर आए
*अशोक आंवला कटहल पकाऊ एलोवेरा*
एवं अन्य पौधे लेकर आए तथा अपनी कक्षा अनुसार क्यारियों में वृक्षारोपण किया *विशेष रुप से शिशु कक्षा*
के भैया बहनों ने उत्साह पूर्वक पर्यावरण की झांकी बनाकर वृक्षारोपण किया गीत गाए एवं एकल अभिनय किया
*शिशु वाटिका की प्रमुख दीदी*
सुश्री सरिता तिवारी दीदी गीतांजलि सालोंडे साक्षी विश्वकर्मा एवं माधुरी सावनेर दीदी ने बच्चों की झांकी तैयार की एवं बच्चों से वृक्षारोपण करवाया प्रतियोगिता में प्रथम द्वितीय आने वाले भैया बहनों को पुरस्कार दिया

बड़ी कक्षा के सभी
भैया बहन पंक्ति वध मठारदेव मंदिर की पहाड़ी पर पहुंचे वहां उन्होंने कार्यक्रम में पधारे अतिथियों के साथ वृक्षों का रोपण किया

आज के कार्यक्रम के *मुख्य अतिथि*
* श्री सुनील जी सरेआम
*विशेष अतिथि*
श्री प्रवीण जी रहे इन्होंने बच्चों के साथ मिलकर वृक्षारोपण किया श्री सुनील जी ने बच्चों के सामने वृक्षों के महत्व को बताया तथा प्राणी मात्र के लिए ऑक्सीजन मिलने का एकमात्र उपाय वृक्षारोपण है जिससे प्राणी मात्र की जीवन ज्योति आगे बढ़ती है
श्री प्रवीण कावड़कर ने आज प्रदूषण वायु प्रदूषण ध्वनि प्रदूषण जल प्रदूषण मृदा प्रदूषण को दूर करने में एवं नदियों की कटाव को रोकने के लिए वनों की आवश्यकता महसूस होती है इसलिए अपने जीवन में एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए कितने वर्ष जीते हैं इतने पेड़ों की संख्या मैं वृक्षारोपण कर उनका रक्षण करना चाहिए
*विद्यालय समिति के सचिव*
श्री योगेंद्र जी ठाकुर आपने वृक्षारोपण का स्थान चयन कर अच्छा लगा कर उनकी रक्षा करें लगाएं विद्यालय में सभी आचार्य दीदियों ने अपनी कक्षा अनुसार बच्चों के साथ वृक्षारोपण किया इस प्रकार आज वृक्षारोपण का कार्यक्रम विद्यालय में संपन्न हुआ विद्यालय के प्राचार्य श्री चंद्रशेखर टैगोर ने सभी अतिथियों का आभार प्रदर्शन किया *पर्यावरण व बागवानी प्रमुख दीदी श्रीमती शीतल मालवीय*
ने कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जिसमें सभी दीदियों का सहयोग प्राप्त रहा