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Dharmendra Singh

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March 25, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

*अतिरिक्त परफार्मेंस गारंटी राशि जमा करने के बाद ही अनुबंध*

सागर।मप्र में PWD विभाग के अधीन, हाईवे, सड़के, ब्रिज, फ्लाईओवर बनाने वाली ठेकेरार कंपनियों पर सरकार लगाम कसने जा रही है। बीते दिनों प्रदेश में बारिश के दौरान चंद महिनों पहले बनी सड़कों व पुलों के धंस जाने के बाद विभाग और सरकार की खासी किरकिरी हो रही है। इन निर्माण कार्यो में भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार, शासन और ठेकेदारों पर खूब आरोप लग रहे हैं। इसको लेकर PWD मंत्री गोपाल भार्गव ने एक्शन लेते हुए टेंडर नियमों में बदलाव करते हुए नई शर्तों को शामिल किया गया है।

विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब अव्यवहारिक दरों पर टेंडर डालने वालों को अतिरिक्त परफाॅर्मेंस गारंटी जमा करना होगी। एसओआर से कम दर पर टेंडर डालने वालों पर इस शर्त के माध्यम से अंकुश लगाया जा सकेगा। विभाग द्वारा दी गई जानकारी अनुसार लोक निर्माण विभाग ने एसओआर से 10 प्रतिशत से अधिक कम दर पर निविदा डालकर कार्यों की गुणवत्ता और कार्य की समय सीमा को प्रभावित करने वाले ठेकेदार और निर्माण एजेंसियों पर अंकुश लगाने का निर्णय लिया है। लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि अगस्त 2022 से एसओआर से 10 प्रतिशत से ज़्यादा कम दर पर टेंडर डालने वाले ठेकेदारों को ठेके की राशि के आधार पर अतिरिक्त परफार्मेंस गारंटी देनी होगीए जो पूर्व में दी जाने वाली अतिरिक्त परफार्मेंस गारंटी राशि की तुलना में अधिक होगी। अभी तक अनुबंधित राशि पर अतिरिक्त परफार्मेंस गारंटी लिए जाने का प्रावधान था।

मंत्री श्री भार्गव ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय.सीमा में कार्य पूर्ण न होने से विभाग को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। साथ ही राज्य सरकार और लोक निर्माण विभाग की छवि भी प्रभावित हो रही थी। परिणामस्वरूप निविदा में अव्यवहारिक दर डालने वाली निर्माण एजेंसियों को नियंत्रित और हतोत्साहित करने के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है। यह व्यवस्था आदेश जारी करने के दिनांक से लागू कर दी गई है।

प्रमुख सचिव लोक निर्माण नीरज मंडलोई ने बताया कि नई व्यवस्था में किसी भी टेंडर में एसओआर से 10 प्रतिशत से अधिक कम दर को अव्यवहारिक रेट माना जाएगा। अब अगर किसी ठेकेदार द्वारा एसओआर से 10 प्रतिशत से ज़्यादा नीचे रेट डाला जाएगा तो उस पर विभाग द्वारा निर्धारित 10 प्रतिशत तक कम दर को व्यवहारिक दर मान कर और निविदाकार द्वारा टेंडर में डाली गई राशिए जो एल.1 है, के बीच के अंतर की राशि अतिरिक्त परफॉर्मेंस गारंटी के रूप में ली जाएगी। इसकी गणना ठेके की राशि के आधार पर होगी। अभी तक यह राशि अनुबंधित राशि के आधार पर ली जा रही थी। विभाग द्वारा अतिरिक्त परफार्मेंस राशि लेने का फार्मूला भी निर्धारित किया गया है। अतिरिक्त परफार्मेंस गारंटी की यह राशि जमा करने के बाद ही ठेकेदार या निर्माण एजेंसी के साथ अनुबंध किया जाएगा। यह निर्देश 10 अगस्त 2022 के बाद निष्पादित किए जाने वाले सभी अनुबंधों पर लागू होंगे। इससे पूर्व में जो अनुबंध हो चुके हैंए उन पर यह दरें प्रभावी नहीं होंगी।