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Dharmendra Singh

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February 2026
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February 4, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

*झोली में टांग कर मुख्य सड़क तक पैदल ले गए,एम्बुलेंस क्यों नहीं पहुंच सकी*

बैतूल।मध्य प्रदेश के बैतूल में एमपी सरकार के विकास के दावों की पोल खोलती तश्वीर सामने आई है। तश्वीर में कुछ ग्रामीण एक महिला को झोली में डाल कर कंधों पर लटकाकर एम्बुलेंस में लिटा रहे है। ग्रामीण क्षेत्र में विकास की पोल खोलने वाला ये वीडियो इंटरनेट मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। प्रसूता को तहसील आमला के अस्पताल में भर्ती किया गया था। जहां हालत में सुधार नहीं होने पर परिजन उसे नागपुर के अस्पताल ले गए।

बैतूल के आमला विधानसभा क्षेत्र की कलमेश्वरा ग्राम पंचायत में कच्ची सड़क और नाले पर पुल नहीं होने से ग्रामीण एक प्रसूता को हालत बिगड़ने पर लकड़ी और कपड़े से बनाई झोली में टांग कर 3 किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले गए। यहां पर एंबुलेंस खड़ी थी। ग्रामीण क्षेत्र में विकास की पोल खोलने वाला आया वीडियो इंटरनेट मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है प्रसूता को आमला के अस्पताल में भर्ती किया गया जहां हालत में सुधार नहीं होने पर परिजन नागपुर के अस्पताल ले गए।

वायरल वीडियो मंगलवार का है । वीडियो बैतूल के आमला विकासखंड का है जहां कलमेश्वरा ग्राम पंचायत के बोदुड़ रैय्यत गांव से सुकरती बैठेकर नाम की महिला की तबियत बिगड़ने पर ग्रामीण उसे झोली में डाल कर कंधों पर मुख्य मार्ग तक लाये जहां एम्बुलेंस खड़ी थी।

आमला के जितेन शर्मा ने बताया कि ग्राम की सुकरती बेठेकर का 14 अगस्त की रात घर में प्रसव हो गया था। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई तेज बारिश के कारण परिजनों से अस्पताल नहीं ले जा पाए 16 अगस्त को बारिश थम जाने पर ग्रामीणों ने सुकृति को लकड़ी और कपड़े से बनाई गई झोली में टांग कर मुख्य सड़क तक पैदल ले गए। उन्होंने एंबुलेंस को बुलाया था लेकिन नाले होने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी और ग्रामीणों को इस तरह से महिला को झोली में टांग कर मुख्य सड़क तक लाना पड़ा।

दरअसल बोदूड रैयत गांव जाने वाले मार्ग पर दो नाले है और उन पर पुल नहीं होने के कारण वाहन नही जा सकते। यही कारण है कि नालों में पानी होने से एम्बुलेंस नहीं पहुंचने पर सुकरती बैठेकर नाम की महिला का प्रसव शुक्रवार को उसके घर पर हुआ। सोमवार को इस महिला की तबीयत बिगड़ गई।

बताया जा रहा है कि डिलेवरी के बाद रक्तस्त्राव ज्यादा हो रहा था, तब ग्रामीणों ने मंगलवार को उसे इलाज के लिए आमला अस्पताल ले जाने तीन किमी तक उसे कंधों पर झोली में डालकर मुख्य सडक़ तक पहुंचाया। जहां से एम्बुलेंस से आमला अस्पताल ले जाना पड़ा। जहां उसका प्राथमिक उपचार करने के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया था। हालात गंभीर होने पर परिजन नागपुर ले गए। वहां अब हालत में सुधार है।

आमला के बीएमओ डॉ अशोक नरवरे का कहना है कि गांव वालों ने एंबुलेंस बुलाई थी लेकिन एक रास्ते में पोल गिर गया था और दूसरा रास्ता बहुत खराब था जिसके कारण पहुंच नही पाई गांव वाले महिला को अस्पताल लाए थे जिसका प्राथमिक उपचार करने के बाद उसे बैतूल जिला अस्पताल रेफर कर दिया वहां से इलाज के लिए उसे नागपुर ले जाया गया था अब उसकी हालत ठीक है।