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Dharmendra Singh

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February 2026
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February 5, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

*चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिरा है गांव,छोटी नाव होने के चलते हुआ हादसा*

गाजीपुर में नाव हादसे में मरने वालों की संख्या 7 हो चुकी है। गुरुवार को 5 बच्चों का शव गोताखोरों ने घटनास्थल के समीप से ही बरामद किया जबकि दो लोगों की बुधवार को ही मौत हो चुकी थी। चार बच्चों के शव को पुलिस द्वारा दोपहर के पहले ही बरामद कर लिया गया था और अलीशा नामक मासूम बच्ची का शव दोपहर बाद में बरामद किया गया। वहीं घटना के बाद मृतकों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, गांव में मातम का माहौल है। अठहठा गांव के साथ ही आस-पास के गांव में भी इस दुखद घटना की चर्चा हो रही है।

बुधवार को घटना होने के बाद से ही लापता बच्चों की तलाश की जा रही थी। बुधवार को रात्रि तक बच्चों को खोजने का प्रयास किया गया लेकिन सफलता नहीं मिली। ऐसे में गुरुवार की सुबह से गोताखोरों द्वारा लापता लोगों की तलाश की जाने लगी। जहां पर यह हादसा हुआ था वहां से थोड़ी ही दूरी पर गुरुवार को एक-एक कर 13 वर्षीय खुशहाल यादव, 14 वर्षीय अमित पासवान 8, वर्षीय संध्या पासवान और 14 वर्षीय सत्यम गौड़ और अलीशा नामक मासूम बच्ची का शव बरामद हुआ। शव बरामद होने के बाद वहां पर मौजूद बच्चों के परिजन चीखने चिल्लाने लगे। उसके बाद आवश्यक कार्रवाई करते हुए बच्चों के शवों को मोर्चरी हाउस में भेज दिया गया।

गंगा नदी में आई बाढ़ के चलते गाजीपुर जिले के रेवतीपुर इलाके के अंतर्गत अठहठा गांव बाढ़ के पानी से चारों तरफ से गिर चुका है। ऐसे में बाजार में खरीदारी करने या आवश्यक कामों से जाने के लिए ग्रामीणों को नाव का ही सहारा लेना पड़ता है। बुधवार को भी गांव के ग्रामीण खरीददारी करने के लिए नाव से गंगा नदी पार कर बाजार में गए थे। बताया जा रहा है कि वापसी में नाव पर करीब 2 दर्जन से अधिक लोग सवार थे। ऐसे में वापस लौटते समय नाव का संतुलन बिगड़ गया और नाव में पानी भरने लगा। यह देखकर नाव पर बैठे लोग इधर-उधर भागने लगे और नाव डूब गई।

बताया जा रहा है कि गांव में आने जाने के लिए तीन अन्य रास्ते भी हैं लेकिन बाढ़ के पानी से तीनों रास्‍ते डूब गए है और वहां से आवागमन संभव नहीं था। हर साल बाढ़ आ जाने पर खरीददारी आदि करने के लिए या फिर कहीं आने जाने के लिए ग्रामीण नाव का ही प्रयोग करते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा आने जाने के लिए जिस नाव की व्यवस्था कराई गई थी, वह काफी छोटी नाव थी जिसके चलते यह हादसा हुआ है। जिला प्रशासन द्वारा बड़ी नाव की व्यवस्था की गई होती तो ऐसा हादसा हुआ होता।

घटना के बाद पूरे अठहठा गांव में मातम का माहौल है। इस घटना में मरने वाले सातो लोग एक ही गांव के रहने वाले हैं। वहीं मृतक पांच बच्चों में 2 बच्चे एक ही परिवार के हैं। गांव के रहने वाले दया शंकर यादव का एकलौता बेटा खुशहाल यादव और 5 वर्षीय अलीशा यादव दोनों एक ही परिवार के थे। दयाशंकर के छोटे भाई कमलेश यादव अर्धसैनिक बल में तैनात हैं और अलीशा उन्हीं की पुत्री थी। इस घटना के बाद दयाशंकर के घर काफी लोगों का जमावड़ा भी देखने को मिला। जुटे हुए लोग परिवार को ढांढस बंधाते नजर आए।