विशाल भौरसे रिपोर्टर

बैतूल। मांग मातंग समाज ने अन्ना भाऊ साठे को भारत रत्न से सम्मानित करने, उनके इतिहास को सभी पाठ्यक्रमों में जोड़ने की मांग की है। मांग मातंग समाज के मधु देवहारे ने शुक्रवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि रूस में अन्नाभाऊ साठे की प्रतिमा का अनावरण महाराष्ट्र उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और सामाजिक न्याय मंत्री की उपस्थिति किया गया। इसी तरह भारत में भी प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि अण्णा भाऊ साठे मराठा साहित्य के एक श्रेष्ठ रचनाकार थे। दलित परिवार से आने वाले अण्णा भाऊ का जन्म 1 अगस्त 1920 को सांगली जिले के वाटेगांव में हुआ था। वर्ष 2020 में उनकी जन्म शताब्दी हुई। डेढ़ दिन की पाठशाला सीखे हुए अण्णा भाऊ साठे ने 30 उपन्यास, 16 कहानी संग्रह, एक नाटक, 10 लोक नाट्य अपने जीवन प्रवास में लिखे। उनके उपन्यास पर मराठी फिल्म भी बनी। अण्णा भाऊ साठे द्वारा फकीरा नाम उपन्यास को राष्ट्रीय मान्यता मिली और 27 भाषाओं में उसका अनुवाद किया गया। इसका परिणाम यह हुआ कि उनका पवाडा प्रसिद्ध होते ही रूस सरकार ने उन्हें आमंत्रित किया और रूस में उनके पवाड़े को प्रसिद्धि मिली।

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