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February 4, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

ब्यूरो चीफ संतोष प्रजापति

एक लाख पदों पर भर्ती की कवायद, सभी विभागों से मांगी जानकारी

प्रदेश में चपरासी के 20 हजार रिक्त पदों को आउटसोर्स के जरिये भरने की तैयारी

जिन विभागों में रिक्त पद पूरे कैडर के 5 प्रतिशत से कम हैं, वहां भर्ती शुरू करने के निर्देश

मप्र में रिक्त चल रहे चपरासियों के करीब 20 हजार पदों को राज्य सरकार आउटसोर्स से भरने की तैयारी कर रही है। ये सभी चतुर्थ श्रेणी के पद हैं, जिन्हें अभी कम से कम 15500 और अधिकतम 30 हजार रुपए तक वेतन मिलता है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने इस संबंध में सभी विभागों को ताकीद कर दी है कि वे चतुर्थ श्रेणी के इन पदों को भरने का प्रयास न करें।

इस समय एक लाख पदों पर भर्ती की कवायद चल रही है। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों से रिक्त पदों की जानकारी मांगी तो 52 विभागों से सवा लाख रिक्त पद

विभागाध्यक्ष स्तर से शुरू हुई थी चतुर्थ श्रेणी की भर्ती चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर भर्ती की शुरुआत पहले विभागाध्यक्ष स्तर पर हुई थी। प्रदेश में कलेक्टर कमिश्नर भी इसी के तहत चपरासी रखते थे। लेकिन, बाद में ये भर्ती व्यापमं से होने लगी।

मिल गए। राज्य सरकार चाहती है कि तत्काल इनकी भर्ती शुरू की जाए। जीएडी ने सभी विभागों से कहा है कि जिनके पास भी कुल स्ट्रेंथ की तुलना में रिक्त पद पांच फीसदी से कम हैं, वे तुरंत कर्मचारी चयन बोर्ड और मप्र लोक सेवा आयोग को वेकेंसी भेजकर भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ करें। जीएडी ने ऐसे विभागों की सूची बना ली है। जहां भी पांच प्रतिशत से ज्यादा पद हैं, वहां के बारे में निर्णय उच्च स्तर पर लिया जाएगा। संभावना है कि इन पदों को दो या तीन चरणों में भरा जाएगा। पहले चरण में पांच प्रतिशत तक पद भर दिए जाएंगे, बाकी बचे हुए पदों का निर्णय अलग से होगा। शुरू किया जाए।

संभाग जिलों ने नहीं दिए खाली पदों के आंकड़े

राज्य स्तर पर विभागों की तरफ से खाली पदों के आंकड़े तो स्पष्ट हो गए, लेकिन संभाग और जिला स्तर से अभी भी जीएडी को पूरे आंकड़े नहीं मिले हैं। यह स्थिति भी तब है, जब सरकार भर्ती की तैयारी में है। जिलों और संभागों की स्थिति को देखते हुए तय किया गया है कि राज्य के रिक्त पदों को ही