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March 2, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

रातापानी अभ्यारण वन क्षेत्र में वृक्षों के सुखाने के उद्देश्य से कुल्हाड़ी से वृक्षों की गर्डलिंग करने वाले आरोपी को 1 वर्ष का सश्रम कारावास की सुनाई सजा वहीं 1500 रूपये का ठोंका जुर्माना

स्थान मध्य प्रदेश लोकेशन रायसेन

नरेन्द्र राय ब्यूरो चीफ

एंकर रायसेन माननीय न्यायालय गौरव अग्रवाल, न्यायिक मजिस्ट्रे़ट प्रथम श्रेणी गौहरगं‍ज,द्वारा आरोपी संतोष आदिवासी पिता मौजीलाल आदिवासी, आयु 42 वर्ष, निवासी ग्राम जोंदरा, तहसील गौहरगंज जिला रायसेन को वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 27 सहपठित धारा 51 में छ: माह का सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई।वहीं धारा-29 सहपठित धारा 51 में दोषी पाते हुए 1 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1500 रू. के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
इस मामले में मध्यप्रदेश राज्य की ओर से सहायक लोक अभियोजन अधिकारी लोकेन्द्र कुमार द्विवेदी, तहसील गौहरगंज ने पैरवी की।
अभियोजन के अनुसार वन दल दिनांक 09.11.2017 को बीट दिवटिया के वन कक्ष क्रमांक पी.एफ.-955 का भ्रमण कर रहे थे। तभी एक व्यक्ति कुल्हाड़ी से हरे वृक्षों की गर्डलिंग कर रहा था।, जिसे घेराबंदी करके पकड़ा और उससे पूछताछ की गई।जिसमें उसने अपना नाम संतोष पिता मौजीलाल, जाति आदिवासी होना बताया और यह भी बताया कि वह, प्रतिदिन सुबह-शाम के समय वृक्षों की गर्डलिंग करता था ।उसने लगभग 100 पेड़ों की गर्डलिंग की जा चुकी थी। आरोपी विगत 10-15 दिन से सुबह-शाम जंगल में गर्डलिंग करते हुए, 100 वृक्ष सागौन, साज एवं अन्य प्रजाति के वृक्षों को सुखाने की कोशिश कर रहा था। जिससे उनकी लकड़ी बेच सके। वन विभाग के कर्मचारियों के दल के द्वारा मौके पर मौका पंचनामा तैयार किया जाकर, अभियुक्त के विरूद्ध वन अपराध पंजीबद्ध किया गया। अनुसंधान के दौरान जप्ती पंचनामा एवं बेदखली पंचनामा बनया गया। अनुसंधान के दौरान अभियोजन साक्षियों के कथन लेखबद्ध किए गए । घटना स्थल का मानचित्र बनाया गया और बीट मेप से नक्शा तैयार किया गया। अनुसंधान के दौरान अभियुक्त का कथन लेख किया जाकर, अभियुक्त को गिरफ्तार कर, गिरफ्तारी पंचनामा बनाया गया। प्रकरण में शेष संपूर्ण अनुसंधान उपरांत आरोपी के विरूद्ध यह परिवाद पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।