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Dharmendra Singh

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May 7, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मचारी नहीं होने से मरीजों को नहीं मिल पा रही मुलभुत सेवाएं
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बोरदेही ( सूर्यप्रकाश शेटे )— कोविट-19 वैश्विक महामारी, ब्लैक फंगस जैसी महामारी के घातक प्रकोप से बहुत से लोगों ने अपनी जान गवाह बैठे है | बहुत से परिवारों का चिराग बुझ गया है | उपर से बोरदेही अस्पताल के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के 24 तारीख अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने की वजह से चिंता का विषय बन गया है | एक और बोरदेही अस्पताल हमेशा एमबीबीएस डॉक्टर के लिए स्थाई नियुक्ति के लिए सुर्खियों में रहा है | अब संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने की वजह से मरीजों को मिलने वाली मूलभूत सुविधा से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है | बोरदेही अस्पताल में कर्मचारी नहीं होने की वजह से मरीजों को जो सुविधा मिलनी चाहिए वह नहीं मिल पा रही है | जिससे मरीजों को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है | बोरदेही अस्पताल के भरोसे लगभग सैकड़ों गांव इस अस्पताल पर आश्रित है | लॉक डाउन की वजह से संसाधन नहीं होने से दूरदराज के लोग गांव से पैदल इलाज हेतु बोरदेही अस्पताल भरोसे से आता है | पर जब अस्पताल पहुंचने पर मरीजों को जो सुविधा मिलनी चाहिए वह सुविधा नहीं मिल पाने के कारण और वर्तमान में कर्मचारी हड़ताल पर जाने के कारण मरीजों को आमला एवं बैतूल जाने को मजबूर होना पड़ रहा है | जिससे किराये के वाहन ले जाने के कारण भारी भरकम किराया चुकाना पढ़ रहा है | वैसे बोरदेही अस्पताल में 108 एंबुलेंस नहीं होने की वजह से मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है | जरूरत पड़ने पर मुलताई या आमला से 108 एंबुलेंस को कॉल लगाकर बुलाना पड़ता है | जिससे एंबुलेंस वाहन आने में घंटों लग जाते हैं | समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण मरीजों को अपनी जान तक गवाना पड़ता है | बोरदेही अस्पताल लगभग 50 से 60 गांव से जुड़ा हुआ है | यहां तक की बैतूल जिले के मरीज नहीं बल्कि छिंदवाड़ा जिले के बहुत से गांव बोरदेही अस्पताल पर आश्रित है यह सभी गांव वासी बोरदेही अस्पताल पर निर्भर रहते हैं | अस्पताल में कई वर्षों से स्थाई एमबीबीएस डॉक्टर नहीं होने से बोरदेही पुलिस को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है | पोस्टमार्टम एवं एमएलसी करवाने के लिए आमला जाना पड़ता है | जिसकी दूरी लगभग 30 किलोमीटर है | पोस्टमार्टम एवं एमएलसी कराने के चक्कर में पुलिस कर्मचारियों का पूरा दिन चला जाता है | विगत कई वर्षों से बोरदेही क्षेत्र की जनता ऐसी परेशानियों से जूझ रही है | लेकिन अभी तक शासन प्रशासन इस बोरदेही अस्पताल की ओर से किसी भी प्रकार का कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है | जिसमें में कुल आठ कर्मचारी हड़ताल पर है | और चार कर्मचारी अस्पताल में डयूटी पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं | संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से बोरदेही अस्पताल में सन्नाटा पसरा हुआ है |

न्यूज़ 24×7 इंडिया के लिए बोरदेही से सूर्यप्रकाश शेटे की रिपोर्ट