Chief Editor

Dharmendra Singh

Office address -: hanuman colony gole ka mandir gwalior (m.p.) Production office-:D304, 3rd floor sector 10 noida Delhi Mobile number-: 9806239561, 9425909162

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 17, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

बुरहानपुर में नवीन पावरलूम क्लस्टर ने लिया मूर्तरूप, विधायक अर्चना चिटनिस की पहल से बुनकरों को मिलेगा नया औद्योगिक केंद्र


बुरहानपुर। विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) के सतत प्रयासों और नेतृत्व में बुरहानपुर जिले के वस्त्र उद्योग को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शासन एवं केंद्र सरकार की क्लस्टर विकास योजना के तहत बुरहानपुर में पावरलूम क्लस्टर का निर्माण कार्य मूर्तरूप ले चुका है। इस परियोजना पर करीब 12 करेाड़ रूपए से अधिक व्यय किए गए है। यह परियोजना क्षेत्र के पारंपरिक बुनकरों और उद्योगों को एक आधुनिक स्वरूप प्रदान करेगी, जिससे स्थानीय रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। बुरहानपुर को दी गई इस सौगात पर श्रीमती अर्चना चिटनिस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी, मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कश्यप का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
अर्चना चिटनिस ने की मंत्री चैतन्य कश्यप से मुलाकात
विगत दिवस भोपाल में श्रीमती अर्चना चिटनिस ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कश्यप से मुलाकात कर बुरहानपुर में मूर्तरूप ले चुके पावरलूम क्लस्टर में अतिशीघ्र भू-खण्ड आवंटन की बात कही। जिस पर मंत्री श्री कश्यप तत्काल स्वीकृति प्रदान करते हुए आवंटन की आगामी कार्यवाही के लिए प्रमुख सचिव को निर्देशित किया। श्रीमती चिटनिस ने बताया कि दीपावली पर्व के बाद 1 नवंबर 2025 को भू-खण्ड आवंटन की आनलाईन प्रक्रिया हेतु विज्ञापन प्रचारित किया जाएगा। श्रीमती चिटनिस ने शनिवार को उद्योगपतियों, व्यापारियों एवं अधिकारियों के साथ बुरहानपुर के ग्राम मोहम्मदपुरा स्थित मूर्तरूप ले चुके क्लस्टर का अवलोकन किया।
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि यह क्लस्टर मध्यप्रदेश शासन के 66 प्रतिशत और भारत सरकार के 34 प्रतिशत अंशदान से विकसित किया जा रहा है। परियोजना के लिए कुल 7.61 हेक्टेयर भूमि निर्धारित की गई है, जिसमें से अब तक 64 भूखण्ड विकसित किए जा चुके हैं। इनमें से 13 भूखण्ड अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों के लिए आरक्षित किए गए हैं। आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हेतु ऑनलाईन प्रक्रिया रखी जा रही है।
विकास कार्यों की प्रमुख विशेषताएँ
परियोजना के अंतर्गत बुनकरों और उद्योगों को आवश्यक अवसंरचना सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिनमें शामिल हैं:- पक्की सड़कें और आंतरिक मार्गों का निर्माण, नालियों का निर्माण कर जल निकासी की उचित व्यवस्था, बिजली सब-स्टेशन की स्थापना, पानी की व्यवस्था हेतु दो बोरवेल का निर्माण, पर्याप्त जल संग्रहण के लिए पानी की टंकी, संचालन सुविधा हेतु प्रशासनिक भवन, बुनकरों की सुविधा के लिए दुकानें, क्रेच (बाल देखभाल केंद्र) की स्थापना, वाहनों के लिए पार्किंग क्षेत्र एवं बिजली की लाइनें एवं खंभों की स्थापना की गई है। इसके साथ ही क्लस्टर क्षेत्र में मुख्य मार्ग हाईवे से जुड़ाव हेतु सीमेंटीकृत रोड एवं मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण भी किया गया है, जिस पर लगभग 1 करोड़ रुपए की लागत आई है। क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट पोल भी लगाए गए हैं, जिससे रात्रिकालीन गतिविधियाँ सुरक्षित और सुगम होंगी।
आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से लाभ
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने बताया कि “पावरलूम क्लस्टर बुरहानपुर क्षेत्र के आर्थिक विकास का आधार बनेगा। यह केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम है। हमारे बुनकर भाइयों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर हम उन्हें देश की विकासधारा में अग्रणी बनाएंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद बुरहानपुर वस्त्र उद्योग के क्षेत्र में राज्य का अग्रणी जिला बनकर उभरेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। यह क्लस्टर न केवल उद्योग के विकास की दिशा में बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण का भी प्रतीक बनेगा। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि यह पावरलूम क्लस्टर बुरहानपुर जिले के लिए औद्योगिक प्रगति का नया अध्याय साबित होगा। यहां स्थापित इकाइयों के माध्यम से न केवल स्थानीय बुनकरों को रोजगार मिलेगा, बल्कि महिलाओं के लिए भी स्वरोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। आधुनिक मशीनों और तकनीकों के उपयोग से उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी और बुरहानपुर की पारंपरिक कपड़ा उद्योग को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिलेगी। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि इसी प्रकार बुरहानपुर के औद्योगिक विकास की और भी सौगातें निरंतर मिलती रहेगी।
बुरहानपुर के ग्राम मोहम्मदपुरा स्थित मूर्तरूप ले चुके क्लस्टर का अवलोकन के दौरान श्रीमती चिटनिस के साथ प्रदीप केडि़या, बलराज नावानी, नरहरी दीक्षित, सुरेश लखोटिया, सुनिल भरतीया, धनेन्द्र पुरोहित, राजेश जैन, रूद्रेश्वर एंडोले, योगेश महाजन, किशोर कामठे, दीपक महाजन, चिंटू राठौर, अक्षय मोरे, योगेश महाजन, सरपंच अब्दुल शाहिद, अजहर-उल-हक, रूपेश लिहनकर सहित उद्योगपती, व्यापारी एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।