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Dharmendra Singh

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सच दिखाने की हिम्मत

पूरा मार्च महीना बिता,गर्मी ने नहीं पकड़ी रफ़्तार,मौसम में ठंडक होने से मटको की बिक्री पर पड़ा बड़ा असर

किरण रांका रिपोर्टर

गर्मी की शुरुआत होते ही देसी फ्रिज के रूप में पहचाने जाने वाले मटकों का बाजार शहर के कन्नोद रोड स्थित भोपाल नाके पर सज चूका है
लेकिन पिछले दिनों हुई बारिश के कारण मौसम में ठंडक होने के चलते मार्च महीना बीतने को है लेकिन गर्मी ने अपनी रफ़्तार नहीं पकड़ी जिससे मटको की बिक्री पर भी खासा असर पड़ा हुआ है!
लिहाजा वर्ष भर इस सीजन का इंतजार करने वाले कुम्हारो के चेहरे फिलहाल उदास नजर आ रहे है
गौरतलब है की आष्टा सहित आसपास के गाँवो में इन देशी फ्रिज मटकों की काफी डिमांड रहती है और बाहर से आने वाले छोटे छोटे दुकानदार शहर के कन्नोद रोड स्थित भोपाल नाके पर गर्मी के दिनों में मटके बेचने आते है इन मटको की खास बात यह रहती है की मटके का पानी शरीर के पीएच लेवल को भी मेंटेन रखता है. मटके के पानी से मिनरल्स की कमी भी पूरी हो जाती है. गर्मी में फ्रिज से बेहतर मटके का पानी पीना माना जाता है!भोपाल नाके पर स्थिति दुकानों पर मिट्टी,गोबर एवं लकड़ी के बुरे से बने मटको की गर्मी के दिनों में अच्छी खासी डिमांड रहती है और मिट्टी से बने मटके के अंदर हल्के हल्के छेद होते हैं, जिससे पानी हल्का-हल्का बाहर आता रहता है और वह मटकी को गीला रखता है. इससे हवा के संपर्क में आने से मटके का पानी फ्रिज की तरह ठंडा रहता है
पूरा मार्च महीना बिता,मौसम में ठंडक होने से मटको की बिक्री पर पड़ा बड़ा असर
भोपाल नाके पर मटके की दुकान लगाने वाले कैलाश प्रजापति बताते है की गर्मी के सीजन को देखते हुए मार्च महीने से पहले ही दुकान सजा लेते है और मटको का स्टॉक रख लेते है लेकिन कुछ दिनों पहले हुई बारिश और मौसम में ठंडक होने से गर्मी नहीं पड़ रही है
और पूरा मार्च महीना बीत चूका है जिससे मटको की बिक्री भी पर खासा असर पड़ा हुआ और फिलहाल मटको की बिक्री मंदी पड़ी हुई है
100 रूपये से लेकर 600 रूपये तक मटको की क़ीमत, फ्रिज जैसा रहता है ठंडा पानी
कन्नोद रोड स्थित भोपाल नाके पर सजी मटको की दुकान पर छोटे मटको से लेकर बड़ी साइज के मटके तक बेचे जा रहे है
फिलहाल तो मौसम में ठंडक होने के कारण इन मटको की बिक्री भी ठंडी पड़ी हुई है
मटको के व्यापारी कैलाश प्रजापति किल्लोदा देवास जिले के रहने वाले है जो बताते है की हर वर्ष यह मटको को बेचने आते है
और मटकों की कीमत 100 से स्टार्ट होकर 600 रुपए तक है जिनमे छोटे से लेकर बड़ी साइज के मटके उपलब्ध है जिनमे टोटी और बिना टोटी वाले मटके भी ग्राहकों को पसंद आते है
मिट्टी के मटके से स्वास्थ के साथ आर्थिक फायदा भी
अब अगर आप गर्मी के मौसम में अपने गले को तर करने के लिए बाजार में महंगे फ्रिज खरीदने के बजाय मिट्टी से बने मटके की तलाश करेंगे , तो यह 100 रुपये लेकर 600 रूपये तक में मिल जाएंगे!बाजार में आपको मटकों की कई वेरायटी मिल जाएगी,
इसमें नल वाला मटका,टंकी मटका,बड़ा या छोटा मटका आदि शामिल है यह आपको फ्रिज की तरह चिल्ड नहीं , बल्कि आपके शरीर के तापमान के अनुसार गले को तर करने वाला ठंडा पानी देगा,इसका इस्तेमाल करने के लिए आपको अतिरिक्त बिजली बिल नहीं देना होगा और न ही गला खराब होने पर इलाज के लिए डॉक्टर की फीस और दवा पर पैसे खर्च करने होंगे!
आपको सालाना 3,000 से 4,000 रुपये के बिजली बिल की बचत होने के साथ ही दवा पर खर्च होने वाले पैसे बचेंगे,इसके साथ ही , यह आपके पानी का मुफ्त में फिल्टर करने का भी काम करेगा!
मटके का कैसे करें घर में इस्तेमाल
मटका या मटका टंकी खरीदकर लाने के बाद उसे किचन के किसी कोने में रख दें,जिस स्थान पर आप उसे रखेंगे , वहां पर सुतली के बोरी को गोल बनाकर उसको
ढाक दे!
इससे मटके का पानी हमेशा ठंडा रहता है और वह उसे नमी प्रदान करता है
जिससे गर्मी के मौसम में मिट्टी से बने मटके को खरीदकर न केवल आप सेहतमंद रहेंगे , बल्कि आपकी आर्थिक सेहत भी सुधरी रहेगी!