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Dharmendra Singh

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April 4, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

छिंदवाड़ा -: नगर निगम छिंदवाड़ा के वेतन भोगी और कलेक्टर बंगले के माली के पद पर पदस्थ कर्मचारी ने
अपनी जीवित मां को मृत घोषित कर नगर निगम के ग्राम सोनपुर की भूमि के नामंत्रण के लिए निधन बताया कर फोती दर्ज कराया है जिसमें मृतक नाना को पिता बताया गया है जबकि दसोदा बाई के पिता भोलानाथ चंदेल कि कई वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है उक्त भूमि में अपनी बहन कृष्णा बाई और किसी अन्य को विक्रय करा दिया है। छिंदवाड़ा नगर के ग्राम सोनपुर की भूमि जिसका खसरा नंबर 213 /2 .213/4 .213/5/2 में नाम दर्ज करा कर कूट रचित दस्तावेज के आधार पर उक्त जमीन का नामांतरण करवाने का प्रयास किया गया है। जनवरी के महा में जमीनी विवाद को लेकर शुरू हुई कहानी जिसमें बुद्धनाथ चौहान पर प्राणघातक हमला भी करवाया जा चुका है खिम्मू चौहान ने अपनी मां के अनपढ़ होने का फायदा उठाकर दसोदा बाई के पति पिरथीनाथ चौहान के हक की पैतृक भूमि से उन्हें वंचित कर अपने नाम रजिस्ट्री बैनामा करा लिया है ।वह मां वर्तमान में अपने छोटे बेटे बुद्ध नाथ चौहान के साथ ग्राम पटपड़ा में निवास कर रही हैं।राजस्व रिकॉर्ड में पटवारी के साथ सांठगांठ कर जीवित मां को मृत घोषित कर अपना नाम दर्ज कराने वाले खिम्मू की शिकायत जिला कलेक्टर और छिंदवाड़ा तहसील न्यायालय में की गई है। फर्जी नामांतरण के साथ ही सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फर्जी अंकसूची के आधार पर नगर निगम में कर्मचारी बन बैठे चौहान की शिकायत जिला कलेक्टर को की गई है। शिकायत कर्ता 70 वर्षीय माताजी ने बताया कि खिम्मू चौहान ने कलेक्टर बंगले से लगी शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करते हुए अपना मकान का निर्माण कर अपना आशियाना बना लिया है। साथ ही उमरेठ तहसील की ग्राम पटपड़ा में स्थित कृषि भूमि जो बुद्धनाथ चौहान पिता ने अपने कुटुंब परिवार से उक्त भूमि को बाबूलाल चौहान से पिरथी नाथ चौहान ने खरीदा था। उस कृषि भूमि को भी अनुचित रीति से अपने मां को अनपढ़ होने का फायदा उठाते हुए फर्जी तरीके से अंगूठा लगवा कर बैनामा रजिस्ट्री करा लिया था की मां दशोदा चौहान और पुत्र मनोज चौहान व बुद्धनाथ चौहान उस समय नाबालिग थे। इस कृषि भूमि का खसरा नं 760/3 और रकबा नं 0.619 हेक्टर है। ज्ञात रहे कि उक्त कृषि भूमि पिरथी नाथ की पैतृक संपत्ति में है।