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Dharmendra Singh

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April 1, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

किरण रांका रिपोर्टर

हमारा स्वभाव और चरित्र राम जैसा होना चाहिए :–
*आष्टा/
श्री ब्रह्मानंद जन सेवा संघ द्वारा आयोजित पांच दिवसीय गुरु पूर्णिमा अमृत महोत्सव के र्तितीय दिवस पर आज देश के कोने-कोने से गुरु भक्तों ने आकर सत्संग का लाभ लिया! आज की कथा में भगवान कृष्ण का जन्म महोत्सव मनाया गया आज के सत्संग में पुज्यनीय मां कृष्णा जी ने अपने अमृत वाणी में बताया कि:–
1 मानव जीवन में तीन चीजों का आकर्षण होना चाहिए ,नाम स्वभाव और चरित्र का हमारा नाम, स्वभाव और चरित्र भगवान राम की तरह होना चाहिए ! जिस प्रकार भगवान राम ने अपना जीवन जिया उसी प्रकार हमें भी अपना जीवन जीना चाहिए! तभी हम समाज में पूजनीय हो सकेंगे !
2 जीवन में सद्गुरु नहीं तो जीवन बेकार है:-
पूज्य कृष्णा माँ ने आगे बताया कि जिस तरह पंछी पंख बिना, मंदिर दीपक बिना, हाथी दंत बिना ,पंडित वेद बिना, नदी पानी बिना, अधूरी है उसी प्रकार मानव जीवन भी संत सद्गुरु के बिना अधुरा ओर बेकार है !संतों का मानव जीवन पर बहुत प्रभाव होता है संत के प्रभाव से वाल्मीकि जो लूटपाट का काम करते थे वह भी ऋषि बन गए और ऋषि वाल्मीकि के नाम से आगे चलकर प्रसिद्ध !
3.गुरु शिष्य को गलत रास्ते पर जाने से बचाते हैं इसलिए संतों को कठोर बोलना पड़ता है ! संत हमेशा अपने शिष्यों का भला ही चाहते हैं ! संत ऊपर से नारियल की तरह कठोर किंतु अंदर से मुलायम होते हैं 4. मां ने आगे कहा कि :-
हमारे कर्म अच्छे होना चाहिए:-
क्योंकि कर्मों के अनुसार ही हमें पति- पत्नी ,बेटा -बेटी पड़ोसी ,मान -सम्मान ,प्रतिष्ठा, यश, वैभव आदि प्राप्त होती है! कर्म कभी पीछा नहीं छोड़ते हैं किसी ने किसी जन्म में कर्मों का फल तो भुगतना ही पड़ता है शास्त्रों में कई उदाहरण ऐसे हैं जिसमें भगवान को भी कर्म के अनुसार चलना पड़ा !
5. माँ ने आगे बताया कि -,गुरु एक शिल्पकार की तरह होते हैं जो मानव रूपी शरीर को गढ़ने का काम करते हैं जिस प्रकार एक शिल्पकार बेडौल पत्थर पर चीनी हथौड़े से प्रहार कर एक सुंदर मूर्ति का निर्माण करता है ठीक उसी प्रकार संत भी अपने शिष्यों को अपनी वाणी रूपी चीनी हथौड़े से प्रहार करके अपने शिष्य का निर्माण करते हैं और उसके अंदर की बुराइयों को निकालकर अच्छाई को भरकर एक सुंदर मूर्ति के रूप में निर्माण करते हैं!
कल 2 जुलाई को परम पूज्य कृष्णा मां का अवतरण दिवस बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा और इस शुभ अवसर पर सुबह 9:00 से माता मंदिर चौराहा इंदौर नाका से भव्य शोभायात्रा आश्रम तक निकाली जाएगी! और शाम को 7:00 बजे इंदौर के कलाकारों द्वारा भव्य रासलीला का आयोजन होगा