Chief Editor

Dharmendra Singh

Office address -: hanuman colony gole ka mandir gwalior (m.p.) Production office-:D304, 3rd floor sector 10 noida Delhi Mobile number-: 9806239561, 9425909162

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 6, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

पं संदीप शर्मा रिपोर्टर

*अंतरिम व्यवस्था के अंतर्गत अंतिम निर्णय होने तक भूमि रतिया कोल के नाम पर दर्ज करने दिया आदेश*


कटनी। जीवित महिला रतिया कोल को मृत बताकर कूटरचित तरीके से जमीन का नामांतरण कराए जाने के प्रकरण में न्यायालय कलेक्टर कटनी द्वारा अंतिम निराकरण होने तक उक्त भूमि अंतरिम व्यवस्था के अंतर्गत पूर्व भूमि स्वामी रतिया कोल पिता श्री हरि प्रसाद कोल के नाम पर दर्ज किए जाने के अंतरिम आदेश दिए हैं।
*यह है मामला*
प्रकरण के संबंध में आवेदक खेरमाई मंदिर कटनी निवासी राजेश कोल ने ग्राम देवरी मझगवां पटवारी हल्का नंबर 28 तहसील विजयराघवगढ़ स्थित खसरा नंबर 50 रकबा 0.55 हेक्टेयर उसकी भूमि से मृतक सह खातेदार रामकरण कोल एवं रतिया बाई कोल का स्वर्गवास होने के कारण का उल्लेख कर नाम विलोपित कर उनके विधिक वारसान मुन्ना कोल, राजेश कोल, जुगनू कोल और राजा कोल के नाम पर फौती नामांतरण किए जाने का आवेदन किया था। जबकि रतिया बाई कोल जीवित है ,इसके बाद भी राजेश कोल ने फौती नामांतरण हेतु आवेदन देते हुए भ्रामक और कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत किए। पटवारी की मिलीभगत से आवेदक राजेश कोल ने शपथ पत्र, आवेदन और मृत्यु प्रमाणपत्र की सत्यापित प्रति तथा ग्राम पंचायत गुडौहाकला सरपंच द्वारा प्रमाणित प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर उल्लेखित खसरा में स्वर्गीय रामकरण कोल एवं स्वर्गीय रतिया बाई का नाम विलोपित करने का आग्रह किया और न्यायालय को गुमराह किया था।
*प्रकरण सामने आने पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी*
कलेक्टर अवि प्रसाद द्वारा इस प्रकरण में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कूटरचित, भ्रामक सेजरा और त्रुटि पूर्ण जांच प्रतिवेदन पेश करने वाले देवरी मझगवां के पटवारी रामलाल गोटिया और आवेदक राजेश कोल के विरुद्ध कैमोर पुलिस थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। जिस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 ,467,468, 471, 120बी और धारा 34 के तहत दोनों आरोपित के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई थी। पटवारी रामलाल गोटिया के इस कृत्य पर कलेक्टर अवि प्रसाद के निर्देश पर एसडीएम विजयराघवगढ़ द्वारा पटवारी को निलंबित कर दिया गया था। कलेक्टर श्री प्रसाद के निर्देश के तत्काल बाद एसडीएम विजयरावगढ़ ने पटवारी रामलाल गोटिया को निलंबित कर दिया था।
*ये दी अंतरिम व्यवस्था*
प्रकरण सामने आने पर न्यायालय कलेक्टर द्वारा एक जांच समिति गठित कर संपूर्ण मामले की जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने निर्देश दिए गए थे। जांच दल द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर पाया गया कि आवेदक राजेश कोल के आवेदन और कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर तहसीलदार विजयराघवगढ़ द्वारा विधि विरुद्ध रूप से 17 अप्रैल 2023 को रतिया कोल पिता हरि प्रसाद कोल के भूमि स्वामी हक की भूमि अन्य वारसानो के नाम पर दर्ज कर दी गई थी। साथ ही तहसीलदार द्वारा विधिक प्रक्रिया का पालन भी नहीं किया गया। तहसीलदार विजयराघवगढ़ द्वारा विधिक प्रक्रिया का पालन न करते हुए इश्तहार का प्रकाशन कराए बगैर त्रुटिपूर्ण नामांतरण आदेश दिया गया। जिस आदेश को न्यायालय कलेक्टर कटनी द्वारा मध्यप्रदेश भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 50 के तहत स्वप्रेरणा से पुनरीक्षण में लिया गया है। साथ ही मध्य प्रदेश भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 32 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तहसीलदार विजयराघवगढ़ द्वारा 17 अप्रैल 2023 को पारित उक्त नामांतरण आदेश को स्थगित करते हुए प्रश्नाधीन भूमि के हक के प्रकरण में अंतिम निर्णय होने तक अंतरिम व्यवस्था के अंतर्गत उक्त भूमि को पूर्व भूमिस्वामी रतिया कोल पिता हरि प्रसाद कोल के नाम पर दर्ज करने का आदेश पारित किया है।