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May 20, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

किरण रांका रिपोर्टर


*आष्टा/*में तीन खेल मैदान है मुखर्जी मैदान सबसे प्रमुख है और इसका स्वामित्व संचालन नगरपालिका ही करती है । पुराने नगर में सुभाष मैदान जिसका स्वामित्व तो शिक्षा विभाग के पास है पर संचालन संधारण नगर पालिका के पास है । अलीपुर में खेल मैदान जनपद पंचायत का है और उसका विकास न के बराबर है।
मुखर्जी मैदान एक पूर्ण विकसित सुविधापूर्ण खेल मैदान है। इस मैदान विगत 15 जुलाई को लाडली लक्ष्मी योजना तथा सम्बल योजना का राशि वितरण का प्रादेशिक कार्यक्रम मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ । इस इवेंट( event) को विशाल रूप देने साथ ही भव्यता देने के लिये मुखर्जी मैदान पर गत 1 जुलाई से खेल गतिविधि बंद करवा दी गई बड़े बड़े डोम बनाकर कॉरिडोर बनाये गए जिसके कारण पूरे मैदान को खोद दिया गया इस कार्य में पेड़ पौधे भी नष्ट हुए। बना हुआ ओपन जिम( open gym) भी शरारती तत्वों द्वारा समाप्त करने के प्रयास किये गये इस आशय की बाते कहते है प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव पूर्व नपाध्यक्ष कैलाश परमार ने कहा कि दुःख इसलिए अधिक है हमारे तीन कार्यकालों में शनेः शनेः मैदानों के विकास शासकीय राशि का विवेक पुर्ण तरीके से उपयोग कर स्टेडियम निर्माण, बाउन्ड्री बाल निर्माण, ओपन जिम निर्माण, हाई मास्क लाइट व्यवस्था,पौधरोपण कार्य किये गये । सजग नागरिकों ने भी इस कार्य मे सहयोग किया।
15 जुलाई के कार्यक्रम की बड़ी तैयारी के कारण यह मैदान यत्र तत्र खुदा पड़ा है मिटटी के ढ़ेर लगे है कीचड़ ही कीचड़ मैदान में है खिलाड़ी गण ,प्रतियोगी परीक्षा में हिस्सा लेने वाले, शरीर सौष्ठव के हिस्सेदारों, स्वास्थ्य के लिए सजग नागरिक, लगभग एक माह से प्राप्त सुविधा से मोहताज है। परमार ने और भी आगे बढ़ते हुए कहा कि महिला बाल विकास सम्बल योजना से सम्बंधित श्रम विभाग के प्रदेश के उच्च अधिकारी गण की लापरवाही उदासीनता क़े कारण खेल मैदान की दुर्दशा हुई है।
अन्य नगरीय निकाय की भांति आष्टा न पा को नियमित राशि ही शासन द्वारा नही दी गई है दो माह से कर्मचारी अधिकारी गण को वेतन ही नही मिल पाया है म प्र शासन द्वारा रेवड़ी वितरण इवेंट बाजी में निर्धारीत राशि अप व्यय की जा रही है।
ऐसी स्थिति में म प्र शासन अपने दोनों विभाग से राशि न पा आष्टा को प्रदत्त कर कार्य करवाये या स्वयं इस कार्य को करवाये