Chief Editor

Dharmendra Singh

Office address -: hanuman colony gole ka mandir gwalior (m.p.) Production office-:D304, 3rd floor sector 10 noida Delhi Mobile number-: 9806239561, 9425909162

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 14, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

खुलेआम चल रहा सट्टे का कारोबार,प्रशासन से कार्यवाही की आस

तामिया।।।तामिया मुख्यालय से लगे हुए शहर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में काफी लंबे समय से जुआ व सट्टे का कारोबार बेखौफ संचालित हो रहा है। पुलिस को जानकारी होने के बावजूद किसी प्रकार की मुहिम नहीं चलाई जा रही है। इस कारण क्षेत्र में खुलेआम यह कारोबार खूब फलफूल रहा है। बताया जाता है जुए और सट्टे का कारोबार तामिया, देलाखारी,छिंदी,लोटिया, धुसावानी आदि ग्रामीण अंचलो मे ज्यादा असरदार है। कारोबारियो ने पुलिस को कई बार चकमा दे चुके जिससे उनके हौसले और भी बढ़ गए है।कभी चोरी-छिपे चलने वाला सट्‌टा बाजार आजकल कानून की ढीली पकड़ की वजह से सट्टा माफियाओं के संरक्षण में खुलेआम संचालित हो रहा है। ओपन, क्लोज और रनिंग के से चर्चित इस खेल में जिस प्रकार सब कुछ ओपन हो रहा है उससे यही प्रतीत होता है कि प्रमुख सट्टा माफियाओं को कानून का अब कोई खौफ नहीं रह गया है।

जानिए क्या है पूरा मामला

तामिया क्षेत्र में इस खेल के बढ़ते कारोबार का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि सट्टे से बर्बाद हो रहे लोग दिन-रात अंकों के जाल में उलझे रहते हैं। सट्टा माफियाओं के एजेंट जो पर्ची काटते हैं प्राय: हर गली-मोहल्ले में आसानी से पर्ची काटते नजर आते हैं। इनमें से कुछ आदतन किस्म के लोग अधिकतर मोहल्लों में खुलेआम पर्ची काटकर एवं मोबाइल के माध्यम से भी इस अवैध कारोबार को संचालित कर लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहे हैं। जिसकी जानकारी शायद पुलिस को छोड़कर सभी को है। सट्टों के हिसाब-किताब की जगह बार-बार बदल कर सट्टा माफिया अपनी होशियारी का भी परिचय देने की कोशिश करते हैं। गरीब बेरोजगार युवाओं को मोटे कमीशन का लालच देकर इस अवैध कारोबार में उतारा जा रहा है। आगे चलकर यही युवा अपराध की ओर अग्रसर हो जाते हैं। शिकायत होने पर जब पुलिस अभियान चलाती है तो सट्टा माफिया को बक्श कर अक्सर इन्हीं युवाओं के खिलाफ कार्रवाई कर खानापूर्ति कर लेती है। इस सट्टा के अवैध कारोबार ने कई घरों को तबाह कर दिया है। सब कुछ जानते हुए भी पुलिस जिस प्रकार आंख बंद किए बैठी है उससे पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

आकाश मंडराह की रिपोर्ट