
उत्तर प्रदेश के मेरठ में नगर निगम की ओर से एक अभियान चलाया गया, जिसका नाम “कबाड़ से जुगाड़” रखा गया. इस अभियान में नगर निगम के कबाड़ से कलाकृतियां तैयार कर मेरठ के चौराहों पर रखा गया. लेकिन इसी बीच एक विवाद आ खड़ा हुआ.
दरअसल, मेरठ में कई कलाकृतियां कबाड़ से बनाकर लगाई गईं जिसकी लोगों ने काफी सराहना भी की. मेरठ में 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी का स्टैच्यू कबाड़ से तैयार करके कमिश्नरी चौराहे पर कमिश्नर ऑफिस के बाहर लगा दिया गया. कुछ लोगों को यह बात काफी नागवार गुजरी. उनका मानना था कि महात्मा गांधी का जो स्टैच्यू बनाया गया है वो काफी डरावना है.
लोगों की आपत्ति के बाद मेरठ नगर निगम ने इस स्टैच्यू को हटा लिया. उनका कहना है कि फीडबैक लेने के लिए स्टैचू लगाया गया था. इसको और बेहतर बनाने का सुझाव मिला. इसलिए स्टैच्यू को हटा लिया गया है. इसको और बेहतर करके दोबारा वहां स्थापित किया जाएगा.

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