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Dharmendra Singh

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May 20, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

हमे अपने अतीत की बुनियाद पर राष्ट्र धर्म और समाज की सेवा करना है ।
-कैलाश परमार
आष्टा /किरण रांका

राजधानी में आयोजित हुआ परमार समाज का स्नेह सम्मेलन
प्रदेश के राजाभोज परमार समाज के स्नेह सम्मेलन में समाज की प्रतिभाओं का सम्मान मध्य प्रदेश शासन में उच्च शिक्षा एवं तकनीकी मंत्री इंदरसिंह परमार तथा पूर्व नपाध्यक्ष तथा प्रदेश कांग्रेस महासचिव कैलाश परमार के विशिष्ट आतिथ्य में हुआ ।
वरिष्ठ समाजसेवी भगवानसिंह परमार की अध्यक्षता में राजधानी भोपाल के प्रसिद्ध गुफा मंदिर प्राँगण में सम्पन्न हुए इस कार्यक्रम में मंत्री इंदर सिंह परमार को उनकी सफल राजनीतिक यात्र के चलते समाज गौरव तथा कैलाश परमार को अजातशत्रु की उपाधि से सम्मानित किया गया साथ ही लोकसेवा आयोग द्वारा चयनित असिस्टेंट कमांडेंट शुभम परमार , सुशील परमार , डॉ भूपेंद्र परमार तथा जिला पेंशन अधिकारी अवधेश परमार का भी सम्मान किया गया ।
नगरपालिका परिषद आष्टा के अध्यक्ष के रूप में प्रत्यक्ष रूप से तीन बार निर्वाचित हुए कैलाश परमार प्रदेश में एकमात्र जनप्रतिनिधि रहे हैं । नपाध्यक्ष के तौर पर उनके सफल कार्यकाल में हुए ऐतिहासिक विकास कार्य , उच्च प्रशासनिक कौशल और जनसरोकार के साथ ही सीहोर जिला कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में अनवरत बारह वर्षों तक सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निबाहने पर कैलाश परमार को राज्य शासन में कैबिनेट मंत्री इंदरसिंह परमार तथा वरिष्ठ समाजसेवी भगवान सिंह परमार , डॉ जितेंद्र परमार एवम अमरसिंह परमार ने सम्मानित किया ।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि इंदरसिंह परमार ने कहा कि राष्ट्रवाद के प्रति आग्रह हमे अनेक सामाजिक बुराइयों से बचाता है
इस अवसर पर कैलाश परमार ने परमार समाज के तेजस्वी सम्राट विक्रमादित्य और राजाभोज के प्रताप का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यक्ति अपनी नैसर्गिक प्रतिभा और प्रवृत्ति को अच्छे माहौल में निखार कर आगे बढ़ता है परिश्रम और सूझबूझ प्रगति की आधार शिला होती है । उन्होंने मंत्री इंदरसिंह परमार की सफल राजनीतिक यात्रा और उनकी सादगी को प्रेरक बताया । कैलाश परमार ने कहा कि संवैधानिक रूप से हम चाहे किसी भी कुल या जाति के हों हमारे विचार और चिंतन उच्च स्तर के होने चाहिए हम सम्राट विक्रमादित्य और राजाभोज की परम्परा के लोग हैं ।अपने गौरवशाली अतीत की बुनियाद पर हमें राष्ट्र , धर्म और समाज की सेवा का संकल्प लेना चाहिए इस अवसर पर कैलाश परमार ने आयोजकों के सफल प्रयास पर बधाई देते हुए समाज की प्रतिभाओं को उज्ज्वल भविष्य के लिये शुभकामनाए दीं ।