Chief Editor

Dharmendra Singh

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April 2, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

◼️कटनी जिला प्रशासन की सक्रियता, सतर्कता और तत्परता से हुआ सुरक्षित प्रसव
अभिषेक नायक की खास रिपोर्ट

◼️जिला कटनी अस्पताल में भर्ती रही हाईरिस्क गर्भवती खुशबू यहां से बिना बताए ही चलीं गईं थीं घर

◼️घर जाने के दूसरे दिन से ही नासाज़ हुईं खुशबू की तबियत, रविवार को अचेत अवस्था में स्लीमनाबाद सीएचसी लेकर पहुंचे परिजन

◼️हाईरिस्क मामला होने की वजह से स्लीमनाबाद से सीधे मेडिकल कॉलेज जबलपुर किया गया रेफर

◼️जबलपुर में हुआ प्रसव,बच्चा स्वस्थ लेकिन जच्चा की हालत हुई गंभीर

◼️कलेक्टर की हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं के परिजनों से विनम्र अपील इलाजरत प्रसूता को डॉक्टर की बिना अनुमति न लें जायें घर

◼️जिंदगी से बढ़ कर कुछ नहीं, जिंदगी बचाने के अभियान में स्वास्थ्य विभाग के सहभागी बनें

➡️ कटनी – जिला प्रशासन के अधिकारियों की सक्रियता, सतर्कता और सजगता की वज़ह से स्लीमनाबाद क्षेत्र के ग्राम तिहारी की 19 वर्षीय हाईरिस्क गर्भवती महिला को बीते रविवार को 108 एंबुलेंस से आशा कार्यकर्ता के साथ जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इसके पहले गर्भवती को अचेतावस्था में लेकर परिजन घर से सीएचसी स्लीमनाबाद पहुंचे। पहले से ही हाईरिस्क चिन्हित गर्भवती की गंभीर स्थिति को देखते हुए बिना समय गंवाए खुशबू को जबलपुर रेफर किया गया।

एसडीएम बहोरीबंद राकेश चौरसिया ने बताया कि गर्भवती महिला को उच्च रक्तचाप की वजह से हाईरिस्क श्रेणी में रखा गया था। इसी दौरान 15 मई को उनका रक्तचाप बढ़ जाने की वजह से उन्हें स्लीमनाबाद सीएचसी द्वारा जिला चिकित्सालय के लिए रेफर किया गया था। यहां गर्भवती की सभी जरूरी जांचें की गई, तत्काल उपचार मिलने से उसकी तबियत बेहतर हो गई। इसके दूसरे ही दिन रात 8 बजे हाईरिस्क गर्भवती खुशबू को उसके परिजन डाक्टर्स से अनुमति व सलाह लिए बिना ही ग्राम तिहारी स्थित घर ले गए। इस संबंध में बीएमओ डॉ आनन्द अहिरवार बताते हैं कि ज़िला चिकित्सालय कटनी से घर आने के दो दिन तक खुशबू ठीक थी, लेकिन अकस्मात रविवार को उसे बेहोशी के झटके आने लगे , जिससे वह रह-रहकर अचेत हो जाती थी। घबराये परिजनों द्वारा इसी स्थिति में खुशबू को स्लीमनाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया ,जहां बिना समय-गंवाये खुशबू को शासकीय एम्बुलेंस से जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। जिला चिकित्सालय कटनी से बिना बताए जाने की वजह से जच्चा और बच्चा दोनों की जिंदगी संकट में आ गई।

ताज़ा स्थिति ये है कि मेडिकल कॉलेज जबलपुर में सुरक्षित प्रसव के बाद जहां बच्चा पूर्णतः स्वस्थ हैं, वहीं खुशबू वेंटिलेटर में है और ज़िंदगी के लिए संघर्ष कर रही है। काश परिजन जिला चिकित्सालय से खुशबू को वापस घर न लें जाते तो आज जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ होते।

कलेक्टर की विनम्र अपील, जिंदगी से बढ़कर कुछ नहीं

कलेक्टर श्री अवि प्रसाद ने खुशबू के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं के परिजनों से विनम्र अपील की है कि खुशबू की स्थिति से सीख लें ।विशेषज्ञ डॉक्टर्स द्वारा चिन्हित हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं को परामर्श के अनुसार अस्पताल में भर्ती करायें। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य अमले का सहयोग करें । बिना सुरक्षित प्रसव के गर्भवती को घर न लें जायें। हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं को बेहतर उपचार अस्पताल में ही मिल सकता है,घर में नहीं। कलेक्टर ने आग्रह किया है कि -हाईरिस्क मामलों में जोखिम बढ़ जाता है, ऐसे मामलों में विशेष सतर्कता और सावधानी की जरूरत होती है।इसलिए डाक्टर, एएनएम, आशा कार्यकर्ता की सलाह मानें। प्रशासन के लिए जच्चा और बच्चा दोनों की जिंदगी अमूल्य है । जिंदगी से बढ़कर कुछ नहीं, इसे सहेजें। हाई रिस्क मामलों में बेहतर इलाज से जिंदगी बचाई जा सकती है। इसलिए जिंदगी बचाने के अभियान में प्रशासन का सहयोग करें।