Chief Editor

Dharmendra Singh

Office address -: hanuman colony gole ka mandir gwalior (m.p.) Production office-:D304, 3rd floor sector 10 noida Delhi Mobile number-: 9806239561, 9425909162

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 19, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

* रथयात्रा हमारे शहर की संस्कृति का हिस्सा -कैलाश परमार
* आष्टा /किरण रांका
नगर के प्राचीन बाँसबेड़ा मंदिर से निकलने वाली भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा इस शहर की सांस्कृतिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है । जगन्नाथ रथ यात्रा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, इतिहास और परंपरा में भी महत्व रखती है । स्वामी अवधेशानन्द गिरी जी महाराज द्वारा स्थापित प्रभु प्रेमी संघ स्वामीजी द्वारा निर्देशित सभी धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रतिबद्ध है । धार्मिक कार्यक्रम हमारे मेलजोल और श्रद्धा को बढ़ावा देते हैं । यह बात पूर्व नपाध्यक्ष तथा प्रभु प्रेमी संघ के संयोजक कैलाश परमार ने रथयात्रा अवसर पर कही । प्रतिवर्ष आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की दूज को इस यात्रा का भारत भर में आयोजन होता है । भगवान जगन्नाथ विष्णु का ही एक रुप हैं । रथयात्रा में भगवान का भ्रमण भक्तों में उल्लास और समर्पण की भावना भर देता है । नगर में आज अलीपुर स्थित पार्वती तट के बाँसबेड़ा मंदिर से रथयात्रा निकाली गई । जो नगर के प्रमुख पारम्परिक मार्गो से गुजरी । श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ यात्रा का स्वागत कर पूजन अर्चन की । बड़ी संख्या में भक्तजन रथयात्रा में शामिल हुए । जगह जगह भगवान को पुष्प श्रीफल भेंट किये गए । आयोजन समिति का सम्मान और स्वागत किया गया । भगवान का रथ खींचने की भक्तों में होड़ लगी रही । बुधवारा में प्रभुप्रेमी संघ ने जगत के नाथ प्रभु जगदीश की पूजा अर्चना की तथा मन्दिर के महंत एवम आयोजकगण जुगल मालवीय और धर्माधिकारी गजेंद्र शर्मा का पार्वती गौशाला के अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाह के हाथों साफा बांध कर स्वागत किया गया । इस अवसर पर पार्षद प्रतिनिधि सुभाष नामदेव , प्रभु प्रेमी संघ के सदस्यगण सुभाष सांवरिया , बाबूलाल जेमिनी , लखन सेन , प्रतीक महाडिक , शुभम कुशवाह , संतोष माहेश्वरी , देवेंद्र सेन , महेश मेवाड़ा , सतीश मालवीय , आकाश सेन , शिशुपाल गुर्जर , अरविंद सेन तथा ललित मंजू श्री आदि मौजूद थे । कार्यक्रम का संचालन नरेंद्र कुशवाह ने किया । नपाध्यक्ष कैलाश परमार अपने साथियों और स्वामी अवधेशानन्द गिरिजी महाराज द्वारा स्थापित प्रभु प्रेमी संघ के सदस्यों के साथ यात्रा में शामिल हुए ।