सफलता की कहानी
पहले नौकरी करने वाली मीनाक्षी अब नौकरी देने वाली बन गईं हैं…

ग्वालियर 14 अक्टूबर 2024/ मीनाक्षी नागर की औद्योगिक इकाई में बनीं प्राकृतिक धूपबत्ती, अगरबत्ती, सम्राणी व हवन धुनि की खुशबू से लोगों के घर महक रहे हैं, तो नागर परिवार में खुशहाली छा गई है। मीनाक्षी नागर ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की मदद से सफल उद्यम स्थापित कर महिला सशक्तिकरण की नई इबारत गढ़ी है।
ग्वालियर शहर के सराफा बाजार में श्रीनाथ जी की हवेली की ऊपरी मंजिल पर मीनाक्षी नागर ने यशस्वी इंटरप्राइजेज के नाम से अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित की है। वे बताती हैं कि हमारी औद्योगिक इकाई में पूरी तरह हर्बल उत्पादों से अगरबत्ती, धूपबत्ती व सम्राणी हवन धुनि बनाई जाती हैं। इसकी खासियत है कि अस्थमा रोगियों को इन अगरबत्ती व धूपबत्तियों से कोई दिक्कत नहीं होती। इसलिए हमारे उत्पादों की मांग दिनों दिन बढ़ रही है। ग्वालियर शहर के सभी प्रमुख डिपार्टमेंटल स्टोर में हमारी इकाई में निर्मित उत्पाद मिल जायेंगे। मीनाक्षी बताती हैं कि ग्वालियर के अलावा प्रदेश व देश के अन्य शहरों में भी हमारे उत्पादों की बड़ी मांग है। इतना ही नहीं अब नाइजीरिया व कनाडा जैसे देशों में भी हमारे हर्बल उत्पाद पहुँच गए हैं।
अच्छे खासे पैकेज की नौकरी छोड़कर शुरू किया खुद का उद्यम
मीनाक्षी नागर ने प्रबंधन (एमबीए मार्केटिंग) की पढ़ाई की है। उनके पति बृजेश नागर भी एमबीए हैं। मीनाक्षी कहती हैं कि पहले मैं और मेरे पति जयपुर में अच्छे खासे पैकेज पर नौकरी करते थे। पर ससुरजी की इच्छा थी कि मेरे बेटे बहू ग्वालियर में ही कोई उद्यम करें। उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए हमने नौकरी छोड़ दी और सराफा बाजार स्थित घर पर ही हाथों से हर्बल अगरबत्ती व धूपबत्ती बनाने का काम शुरू किया। मीनाक्षी कहती हैं जब कारोबार बढ़ा तब हमने मशीन लेने की सोची । इसके लिए पैसों का इंतजाम प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत हो गया। बैंक से लगभग 7 लाख रूपए क लोन मंजूर हुआ। जिसमें सरकार की ओर से एक लाख 75 हजार रूपए का अनुदान भी शामिल था। इसके लिए हमने तीन गायें पाल रखी हैं। हमारे सभी उत्पाद गाय के गोबर व अन्य हर्बल सामग्री से बनाए जाते हैं।
देखते ही देखते 18 लाख तक पहुँचा वार्षिक टर्नओवर
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत मिली आर्थिक मदद से मीनाक्षी ने अपने कारोबार को आगे बढ़ाया। उनका कहना है कि देखते ही देखते हमारा टर्न ओवर 18 लाख रूपए वार्षिक से अधिक हो गया है। पहले हम नौकरी करते थे, अब हम नौकरी देने वाले बन गए हैं। मीनाक्षी बताती हैं कि हमारी औद्योगिक इकाई से लगभग 15 से 20 महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। ऑफ सीजन में भी हम हर दिन कम से कम आधा दर्जन महिलाओं को रोजगार देते हैं। मीनाक्षी के काम में उनके पति बृजेश नागर भी हाथ बटाते हैं। बृजेश नागर ने कंपोजिट पाइप का व्यवसाय शुरू किया है। हर्बल सम्राणी व धूपबत्ती निर्माण इकाई से हुई आय से बृजेश के कंपोजिट पाइप व्यवसाय को नई ऊँचाईयां मिल रही हैं।
मीनाक्षी अपनी सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा महिला सशक्तिकरण को दिए जा रहे प्रोत्साहन को समर्पित करती हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम ने हमें नौकरी करने वाले से नौकरी देने वाला बना दिया है।
(हितग्राही मोबा. नं. 9229001000)
हितेन्द्र सिंह भदौरिया

More Stories
ग्वालियर-चंबल की पावन धरा, सांतऊ स्थित राजराजेश्वरी शक्तिपीठ शीतला माता मंदिर के पवित्र प्रांगण में भक्ति की अमृत वर्षा होने जा रही है
पोंडी चोंडी गांव में अज्ञात महिला का शव मिलने से सनसनी
ग्वालियर चम्बल क्षेत्र की पावन भूमि सांतऊ शीतला माता मंदिर, में सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन होने जा रहा है