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May 6, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

कमलेश कावड़कर रिपोर्टर

भैंसदेही
स्लग
विद्यार्थियों ने सीखा पानी और मिट्टी का परीक्षण
शासकीय महाविद्यालय भैंसदेही में आयोजित हुई कार्यशाला

एंकर
भैंसदेही शासकीय महाविद्यालय भैंसदेही में विश्व बैंक परियोजना के तहत क्वालिटी लर्निंग सेंटर के अंतर्गत अकादमिक उत्कृष्टता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में प्राणीशास्त्र विभाग द्वारा बीएससी तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए जल एवं मृदा परीक्षण विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्राचार्य श्री जितेंद्र कुमार दवंडे के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में प्रशिक्षक के रूप में रूचित एग्रो एंड बायो फर्टिलाइजर बैतूल के श्री प्रवीण माथनकर एवं श्री सुरेंद्र खातरकर उपस्थित रहें। कार्यशाला में जल के विभिन्न गुण जैसे पीएच, आयन सांद्रता घुलनशीलता एवं कंडक्टिविटी आदि के बारे में समझाया गया। तत्पश्चात पीएच मीटर की सहायता से जल के नमूनों का पीएच कैसे मापा जाता है का प्रयोग करके छात्र /छात्राओं को अध्ययन कराया गया। इसके अलावा जल के अन्य गुणों के लिए भी प्रायोगिक विधियों द्वारा प्रयोग कराए गए।
कार्यशाला के दूसरे दिन मृदा के विभिन्न प्रकारों, अच्छी एवं खराब मृदा के बारे में समझाया गया। इसके पश्चात विद्यार्थियों से मृदा के नमूने मंगाए गए एवं उनका परीक्षण किया गया। इसके परिणाम स्वरूप मृदा में विभिन्न तत्वों की कमी पाई गई। इन कमियों को कैसे पूरा किया जा सकता है यह भी बताया गया। प्राचार्य श्री जितेंद्र दवंडे जी ने बताया कि इस प्रकार की कार्यशाला से विद्यार्थियों को प्रकृति और विज्ञान के बीच सामंजस्य समझ में आता है। उन्होंने कहा कि धरती पर प्राकृतिक रूप से प्राप्त कोई भी सम्पदा चाहे वह जल हो या मृदा हो वह कभी भी खराब नहीं होती अपितु उसमें अवांछित तत्व आकर मिल जाते हैं। यदि हम उन तत्वों की जानकारी प्राप्त करें तो उनको शुद्ध किया जा सकता है। कार्यक्रम के संयोजक प्राणी शास्त्र विभाग के सहायक प्राध्यापक श्री रविंद्र शाक्यवार रहे, सह संयोजक के इसी विभाग के सहायक प्राध्यापक श्री कालू राम कुशवाह रहे। आयोजन समिति सदस्य के रूप में श्री कृष्णा राठौर अतिथि विद्वान वनस्पति शास्त्र, डॉ हेमेश्वरी डढोरे अतिथि विद्वान रसायन शास्त्र एवं सुश्री नीलिमा धाकड़ सहायक प्राध्यापक इतिहास रहे।

भैंसदेही से कमलेश कावड़कर की रिपोर्ट