लोकेशन -बोरदेही
बोरदेही से सूर्यप्रकाश शेटे की खास रिपोर्ट
मशरूम की खेती बनी आय का स्रोत

बोरदेही- इटावा बोरदेही में मशरूम की खेती बनी आय का स्रोत ग्राम पंचायत इटावा में सबमिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन आत्मा परियोजना अंतर्गत क्षमता विकास प्रशिक्षण समूह के माध्यम से दिया गया था एवं महिलाओं को आजीविका से जोड़ने के लिए सभी को मशरूम की खेती का प्रशिक्षण भी दिया गया था जिससे ग्राम इटावा के श्रीमती मंजू लता सोनी कृषि सीआरपी ने मशरूम का प्लांट लगाया है जिससे मशरूम लगाकर अच्छा खासा लाभ हो रहा है एवं कम लागत से अच्छी आमदनी कमा कर महिलाएं अपनी आजीविका को सुदृढ बना सकती है और बताया गया कि मशरूम की खेती बंद कमरे में ही की जाती है कम मेहनत और कम लागत एवं छांव में ही रख कर ही मशरूम की खेती कर सकते हैं जिसे घर में ही बीज लगाकर 20 से 25 दिनों में मशरूम निकलना शुरू हो जाता है मशरूम को लगाने में एक पॉलिथीन की लागत 15 से ₹20 आती है |और 1 किलो तक यहां मशरूम निकलती है जिसकी कीमत ₹100 से लेकर ₹200 किलो तक मार्केट में बिक जाता है जिसे सुखाकर भी बेचा जा सकता है मशरूम की गुणवत्ता इसमें विटामिन प्रोटीन आयरन अधिक मात्रा में होती है जिससे खून की कमी की वाले व्यक्तियों के लिए फायदेमंद होता है
इनका कहना है |
श्रीमती मंजू लता सोनी मास्टर कृषि सीआरपी ने बताया कि मशरूम की खेती से अच्छा लाभ मिल रहा है एवं समूह के माध्यम से महिलाओं को भी प्रेरित किया जा रहा है बताया गया कि ग्राम पंचायत इटावा में चार प्लांट लगाये गये है

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