ब्लॉक ब्यूरो अर्चित चौकीकर

इस बार बारिश का मौसम आरईएस विभाग की कार्यप्रणाली की पूरी तरह पोल खोलने पर आमादा नजर आ रही है। बारिश होने पर जिले में आरईएस द्वारा बनाए गए चेकडैम एक-एक कर फूटते जा रहे हैं। आरईएस की कार्यप्रणाली और उसके द्वारा कराए गए कार्यों में गुणवत्ता का स्तर बताते
हुए एक और चेकडैम फूट गया है। यह डैम भी एक साल पहले ही 10 लाख से ज्यादा की लागत में बना था।
जानकारी के अनुसार आठनेर ब्लॉक की ग्राम पंचायत कोयलारी के भीभापुर गांव में जयोतो कोल में यह चेकडैम बना था। वर्ष 2020-21 में बनाया गया यह चेकडैम फूट कर पूरी तरह बह गया है। बताते हैं कि इस डैम का निर्माण 10 लाख से अधिक की लागत से किया था। कोरोना काल में मनरेगा के तहत बने इस चेकडैम की निर्माण एजेंसी पंचायत थी, जबकि पूरा काम आरईएस के तकनीकी अमले के मार्गदर्शन में हुआ था। डैम फूटने के बाद अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभाग ने क्या मॉनीटरिंग की और किस तरह का तकनीकी मार्गदर्शन देकर यह कार्य कराया है। इस साल इसके अलावा भी कई चेकडैम जिलेमें फूट चुके हैं।

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