Chief Editor

Dharmendra Singh

Office address -: hanuman colony gole ka mandir gwalior (m.p.) Production office-:D304, 3rd floor sector 10 noida Delhi Mobile number-: 9806239561, 9425909162

February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728  
February 4, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

बुद्ध नाथ चौहान रिपोर्टर

जुन्नारदेव गुढ़ी /अंबाडा _ प्रीति सिंह का उपचार आयुर्वेद जड़ी बूटी से होगा और यह स्वयं डॉक्टर टाटा उपचार करेंगे पीड़िता प्रीति सिंह हॉट एवं फेफड़ों में कोई गंभीर रोग है चेन्नई अस्पताल के डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए हैं अब पीड़िता 24 घंटे ऑक्सीजन के सहारे जीवन जी रही है दातला जुन्नारदेव निवासी प्रीति सिंह पति श्री पावेल सिंह उम्र 33 वर्ष पहले अपना अपने जीवन परिवार के साथ सुखी पूर्वक व्यतीत कर रही थी किंतु सन 2013 में कुछ इन्हें एहसास हुआ कि वे कोई असाध्य रोग से ग्रसित हो रही हैजिले में कराया जांच सन 2013 में जब शरीर में कोई रोग होने की जानकारी का आभास हुआ तो परिजनों ने जिले में ना डॉक्टरों से जांच कराई जहां उन्हें बताया गया कि हार्ड एवं फेफड़ा खराब हो चुका है इसे तत्काल बदलना पड़ेगा नहीं तो जीवन संकट में पड़ जाएगा जो चेन्नई के अस्पताल में बदलेगा।
पीड़िता को ले परिजन चेन्नई पहुंचे जानकारी हो जाने पर परिजन पीड़िता को लेकर चेन्नई पहुंचे एवं लगभग 30 से 35 लाख रुपए खर्च कर दोनों हार्ड एवं फेफड़ों को बदल वाया जिसके पश्चात पीड़िता कुछ समय यहां अपने जीवन को सुखी पूर्वक व्यतीत किया कोरोना बीमारी ने बढ़ा दी परेशानी
इसी बीच कोरोना बीमारी आ गई इस बीमारी में पीड़िता के साथ परिवार के दो और सदस्य चपेट में आ गए इस बात के चलते चेन्नई अस्पताल की दवाओं को खाने में चूक हुई जो भारी पड़ी एवं नया लगा हॉट एवं फेफड़ा पुणे खराब हो गया
पीड़िता का हार्ट से लेकर फेफड़ा खराब हो जाने पर पुनः बदलने की सलाह परिजनों को दी किंतु इतना रुपया अब ना होने की वजह से इस कार्य को करने में असमर्थ है इस बात को ले चेन्नई के डॉक्टर ने ऐसा कहा की ये फेफड़े बदलना पड़ेगा तो जीवन रहेगा अगर नही बदले तो हम कुछ नहीं कर पाएंगे ज्यादा से ज्यादा हो सका तो पूरे समय आपको ऑक्सीजन लगाना पड़ेगाबिना हम कुछ नहीं कर पाएंगे उपचार करेंगे डॉक्टर टाटा।
पीड़िता अपने असाध्य रोग से ग्रसित है एवं परिजनों के पास अब रुपया भी नहीं है कि हार्ट एवं फेफड़ों को बदलवा सके इस बात के चलते पीढ़ी तक पूरे समय ऑक्सीजन लगा रखती है इस बात को डॉक्टर टाटा ने देखा जांच पड़ताल कर पीड़िता एवं परिजनों से बात की एवं आयुर्वेद (जड़ी बूटी )पद्धति से उपचार करने की बात कही