(भांजियों के मामा के वादे खोखले साबित हो रहे हैं…..!)
बी.एल.सूर्यवंशी रिपोर्टर


जिले की बदनावर तहसील के अंतर्गत सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने अपनी पीड़ा का बखान करते हुए बताया है कि विगत 2 वर्षों से स्कूलों में शासन ने ना तो भवन मरम्मत और ना ही कांटीजेंसी की राशि शाला प्रबंधन समिति के खातों में आज तक जमा नही की हैं। जिसके कारण शाला का संचालन करने में शाला के शिक्षक-शिक्षिकाओं को काफी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उधर स्टेशनरी विक्रेता द्वारा शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा पठन-पाठन की सामग्री क्रय की थी। उसकी राशि के लिए भी बार-बार फोन लगाकर परेशान किया जा रहा हैं। कई शिक्षक-शिक्षिकाओ ने तो शर्मिंदगी के मारे अपने वेतन से स्टेशनरी विक्रेता को राशि जमा की हैं। व खुद की राशि से सामग्री क्रय कर शालाओं का संचालन कर रहे है। शिक्षकों ने यह भी बताया है कि राशि जमा नहीं होने के कारण शाला भवन की मरम्मत व रंगरोगन कैसे कर पाएंगे। ग्राम व क्षेत्र के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने शासन-प्रशासन से राशि शीघ्र जमा करने का अनुरोध किया है। ताकि भवनों की मरम्मत व रंगरोगन समय पर कर सके। साथ ही बाजारों से क्रय की गई पठन-पाठन की सामग्रीयों का भुगतान भी दुकान विक्रेताओं को समय पर कर सके।
इनका कहना है…..!
1.जनपद शिक्षा केंद्र बदनावर के अंतर्गत स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाओं की पीड़ा को देखते हुए ऊपर अधिकारियों को कई बार चिट्ठी लिखकर अवगत करवाया हैं। किंतु समाधान आज तक नहीं हो पाया है।
डी.एन.गुजराती
बी.आर.सी.बदनावर
2.बदनावर जनपद शिक्षा केंद्र के अंतर्गत स्कूलों में जब हम अवलोकन व निरीक्षण करने जाते हैं तब शिक्षक-शिक्षिकाएं अपनी पीड़ा सुनाते हैं तो हम उच्च अधिकारियों को अवगत तत्काल करवाते है।
ओ.पी.राठौर
बी.ए.सी.बदनावर

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