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Dharmendra Singh

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February 4, 2026

सच दिखाने की हिम्मत


*मध्यप्रदेश उच्चशिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव ने किया सम्मानित*

किरण रांका रिपोर्टर

:वाश पेंटिंग(जलरंग)के उन्नयन पर सम्मानित
आप सभी के प्रेम स्नेह से पुनः आष्टा नगर गौरवान्वित हुआ है।शिप्रा फाइन आर्ट कॉलेज उज्जैन द्वारा प्रतिवर्ष दिए जाने वाले शिप्रा अलंकरण पुरस्कार वास पेंटिंग तकनीक के उन्नयन हेतु उत्कृष्ट कार्य करने वाले वरिष्ठ चित्रकारों को उनके उल्लेखनीय योगदान हेतु दिया जाता है इस वर्ष 2022-23 के वर्ष का शिप्रा अलंकरण अवार्ड आष्टा की राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त पुरोधा चित्रकारा श्रीमती अलका मनीष पाठक को उज्जैन के कीर्ति मंदिर कोठी रोड पर रंगारंग कार्यक्रम में प्रदेश के उच्चशिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव, प्रसिडेंट मध्यप्रदेश फार्मेसी कौंसिल श्रीओम जैन जी, सेवाभारती प्रमुख श्रीसुनील खत्री जी, डायरेक्टर शिप्रा फ़ाईन आर्ट कॉलेज श्री अभिषेक सिंह तोमर द्वारा सम्मानित किया गया। चित्रकला की यह जल रंग विधा में गजब की महारत वाली श्रीमती पाठक इससे पूर्व कई राष्ट्रीय,अंतरराज्यीय एवं राज्यीय पुरस्कारों से सम्मानित हो चुकी है मध्य प्रदेश जैसे राज्य में जल संयोजन के जरिए कैनवास पर रंगो के अद्भुत जादू प्रस्तुत करना नारी के सुंदर एवं संवेदनाओ को अपनी तूलिका के जरिए प्रस्तुत करना श्रीमती पाठक जी सबसे बड़ी विशेषताएं है। उन्होंने अपने विद्यार्थियों में भी जल रंग के महत्व को बताकर अग्रसर किया है जिसमें विद्यार्थीगण भी जल रंग के माध्यम से अपनी पहचान बना रहे श्रीमती पाठक ने उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय से एम ए फाइन आर्ट्स में प्रथम श्रेणी शिक्षा प्राप्त कर एवं सुप्रसिद्ध चित्रकार अपने पिता स्वर्गीय सूर्यकांत त्रिवेदी से जल रंग कला की बारीकियां सीखी इस कला के द्वारा आपने कई राष्ट्रीय,अंतर राज्यीय,राज्य स्तरीय पुरस्कारो से सम्मानित हो चुकी है।शांत और विनम्र स्वभाव की धनी यह कलाकारा सतत कला की साधना में लगी रहती है उनकी कला शैली पर जल रंगों का नारी की सुंदर भावनाओं एवं संवेदना की अभिव्यक्ति रहती है
क्या है वाश पेंटिंग:- ऐसा रंग जिनको पानी में घोलकर उपयोग में लाया जाता है उन्हें जल रंग कहते हैं जब इन रंग को उपयोग में लाना होता है तो सदैव इनको पानी की निश्चित मात्रा में घोलकर ड्राइंग शीट पर या अन्य जगह पर प्रयोग किया जाता है यह विधा प्राचीन काल से चली आ रही है प्रायः आजकल कलाकार इस विधा को कम अपनाते हैं क्योंकि यह लंबी प्रक्रिया से होकर गुजरती है
इन पुरस्कार से सम्मानित हो चुकी हैं
श्रीमति पाठक राष्ट्रीय कालीदास पुरूस्कार 1998,2016,राष्ट्रीय राजा रवि वर्मा आदर्ंजलि दैनिक भास्कर आर्ट ऑफ़ गिल्ट 2012, पद्मश्री विष्णु वाकणकर पुरुस्कार 2002,5,6,10,17,22,लोकमान्य तिलक पुरुस्कार पुणे 2006, वी एन एम मार्ट बड़ौदा 2000, इंदु सेठी स्मृति कला 2000,ललित कला अकादमी रतलाम 1992 आदि सम्मानों से सम्मानित हो चुकी हैं
डाक्यूमेंट्री के द्वारा दिखाई उपलब्धि:- रंगारंग कार्यक्रम में विद्यार्थीयो एवं उपस्थित गणमान्य नागरिकों को ख्यातिप्राप्त सम्मानित चित्रकारा श्रीमति पाठक की उपलब्धियों को एक डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाकर चलचित्र के माध्यम के साथ प्रस्तुत कर बताया गया