Chief Editor

Dharmendra Singh

Office address -: hanuman colony gole ka mandir gwalior (m.p.) Production office-:D304, 3rd floor sector 10 noida Delhi Mobile number-: 9806239561, 9425909162

February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728  
February 16, 2026

सच दिखाने की हिम्मत


श्रीमद भागवत कथा के छटवे दिवस गौ वंश का महत्व बताया।
विधायक रामपाल सिंह राजपूत ने कथा श्रवण की।

स्थान मध्य प्रदेश लोकेशन सिलवानी
हमीरपुर

नरेन्द्र राय ब्यूरो चीफ

एंकर रायसेन जिले की तहसील सिलवानी के गांव हमीरपुर में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण की कथा के छटवें दिवस के दौरान सदाशिव नित्यानंद गिरी महाराज ने व्यासपीठ से कहा कि गौवंश एक ऐसा प्राणी है जिसकी रक्षा करने से हम पर्यावरण की सुरक्षा करने में पूरी तरह से सक्षम होंगे। गाय वह मूक प्राणी है हमारे लिए सदैव कल्याणकारी है। गाय की कृपा से हम विभिन्न प्रकार की समृद्धि प्राप्त करते हैं। गाय हमारी जीविका का साधन होने के साथ.साथ हमारी धार्मिक आस्था का केंद्र भी है। गाय को सर्व देवमई कहा गया है कथावाचक ने कहा कि गौ माता में समस्त देवताओं का निवास हमारी
सनातन परंपरा की दृढ़ निष्ठा का प्रवर्तक है। वर्तमान परिस्थितियों में
गाय की दुर्दशा के लिए कहीं ना कहीं हमारी स्वार्थ प्रवृत्तियां जिम्मेदार हैं। जब तक गाय हमारे लिए दुग्ध पान कराती है तब तक हम उसकी
बहुत अच्छी देखभाल करते हैं। लेकिन जैसे ही वह दुग्ध पान कराना बंद कर देती है। उसके लिए हम तिरस्कार के भाव से अपने घर से बाहर कर देते हैं। वह रास्तों पर चौराहों पर मारी मारी फिरती है। वर्षा काल में शीतकाल में गौमाता को जो कष्ट होता है उसके हम भागीदार होते हैं। उस पाप के प्रभाव से हमारे जीवन का पतन प्रारंभ हो जाता है। जीवन की उन्नति और पुण्य की प्राप्ति को चाहने वाले गाय का सम्मान करें। सेवा करें और बड़ी दृढ़ता
से गो पालन करें ।
श्री स्वामी गिरी ने बताया कि गो पालन से हमारा पर्यावरण सुरक्षित होगा पर्यावरण से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ प्राणी गाय ही है । हमारी आर्थिक व्यवस्था में भी गाय का समृद्धि कारक योगदान है। मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में गोबर और गोमूत्र का अद्वितीय योगदान है। गोचरण के लिए
सुरक्षित भूमि का दुरुपयोग समाज में बढ़ गया है उसको रोकने के लिए भी
हमें आगे आना चाहिए। सरकारें हमारा सहयोग तभी कर सकती हैं जब हमारे जीवन में गौ सेवा की दृढ़ता होगी। इसलिए दृढ़ता से गाय की सेवा के लिए समाज आगे आए ।
श्रीमद् भागवत कथा में गोवर्धन पूजा का महत्व बताते हुए स्वामी गिरी ने कहा कि कि बृज क्षेत्र में अनेक वर्षों से देवताओं के राजा इन्द्र की पूजा की जाती थी। लेकिन भगवान श्री कृष्ण ने नंद बाबा से आग्रह किया कि
हम इंद्र की पूजा नहीं करके गोवर्धन की पूजा करें। क्योंकि गोवर्धन पर्वत
हमारी गौ माता को आश्रय देते हैं उनके आस.पास की घास को गौमाता ग्रहण करके पुष्ट होती है। जिससे कि हमें दुग्ध प्राप्त होता है। गोवर्धन पर्वत
हमारी गौ माता के लिए आश्रय दाता होने के कारण हमारे लिए सर्वथा पूजनीय है। इसीलिए हम सभी विभिन्न व्यंजनों के माध्यम से गोवर्धन की पूजा करते हैं।
विधायक रामपाल सिंह राजपूत ने कथा श्रवण की। कथावाचक स्वामी सदाशिव नित्यानंद गिरी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।