
अप्रैल की रात 8 बजे… नोएडा फिल्म सिटी में काम करने
वाले एक मीडिया कर्मी रवि कुमार सिंह (बदला हुआ नाम) रोज की तरह अपने घर गौर सिटी लौटते हैं. घर पर वो पत्नी स्मिता (बदला हुआ नाम) और एक साल के बच्चे के साथ रहते हैं. परिवार के साथ वो डिनर टेबल पर बैठे ही होते हैं कि तभी उनकी सोसाइटी के इंटरकॉम पर एक फोन कॉल आता है. फोन स्मिता उठाती है, हैलो बोलते ही सामने से एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति की आवाज आती है. वो पूछता है आपके घर में बच्चा है? स्मिता जवाब देती है हां… है क्या हुआ बताओ? वो कहता है कि उसे घर के बाहर लेकर मत निकलना वरना उसकी मौत हो जाएगी उसे मार डालेंगे. इतना कहते ही फोन कट हो जाता है.
यह सुनते ही डरी सहमी स्मिता दौड़कर रवि कुमार सिंह के पास जाती हैं और उन्हें फोन कॉल के बारे में बताती है. रवि कुमार सिंह भी इस बात को लेकर हैरान – परेशान हो जाते है. रवि कुमार सिंह इंटरकॉम चेक कर फोन नंबर पता लगाने की कोशिश करता है. इसके बाद रवि कुमार सिंह नोएडा पुलिस पीसीआर 112 को कॉल करता है. पुलिस गौर सिटी पहुंचकर तफ्तीश करना शुरू करती है. कॉल डेटा चेक करती है तो उन्हें गौर सिटी के ही एक फ्लैट से कॉल
किए जाने की बात पता चलती है. पुलिस जब वहां रह रहे परिवार से पूछताछ करती है तो सब हैरान हो जाते हैं कि आखिर घर से किसने कॉल किया क्योंकि उस वक्त घर के सभी लोग पड़ोस के फ़्लैट में बर्थडे पार्टी सेलिब्रेट कर रहे थे.

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