शकील खान रिपोर्टर

पर्यावरण के अनुकूल फसल पद्धतियों पर जन जागरूकता के लिए फार्मर फिल्ड स्कूल ग्रुप के लीडर किसानो की ब्लॉक स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन डीएससी संस्था द्वारा GIZ के वित्तीय सहयोग से किया गया।
डीएससी संस्था के अनिल श्रीवास द्वारा संस्था का परिचय एवं GIZ टिकाऊ खेती एवं मूल्य वृद्धि हेतु आपूर्ति श्रृंखला प्रोजेक्ट के द्वारा किये जा रहे कार्यों के बारे मे विस्तारपूर्वक बताया गया ।
डीएससी संस्था के दीपक सेन द्वारा FPO क्या है, और यह किसानो के लिए क्यों जरूरी हैं, इस पर चर्चा की गईं साथ ही खेती मे रासायनिक खाद व दवाई के अधिक प्रयोग के दुष्परिणाम पर भी चर्चा की गईं ।
डीएससी कुक्षी के एग्री एक्सपर्ट दुर्गा प्रसाद द्वारा सोयाबीन व कपास की फसल में खेती की तैयारी से लेकर उत्पादन लेने तक की पूरी प्रक्रिया को विस्तार पूर्वक बताया गया। साथ ही जैविक पद्धति से कृषि कर के जोखिम कम व गुणवत्तापूर्ण उत्पादन कैसे प्राप्त किया जा सकता है, इस पर चर्चा की गई।
कृषि विभाग से ग्राम सेवक श्री सुभाष पाटीदार एवं अजमेर सेमलिया जी द्वारा बताया गया कि किस प्रकार से ऑयल सीड फसलों का वेल्यू एडिशन कर के किसान अपनी आय बड़ा सकते हैं, साथ ही जैविक खेती की विधिया व उसको करने के फायदों के बारे मे विस्तार पूर्वक बताया गया और जैविक खाद, जीवामृत, अमृत पानी, ब्रह्मास्त्र बनाने की विधिया बताई गई और उपयोग किस किस समय पर करना है बताया गया।
डीएससी मनावर महेश कोटे द्वारा बताया गया कि सरकार किसानों की मदद करने के लिए बहुत सी योजनाएं संचालित कर रही है l उन्हीं में से एक महत्वपूर्ण योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना है, इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह है की स्थानीय आपदाओं से किसानो को होने वाले जोखिम को कम करना व उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करना है, जिससे किसान प्रेरित होकर नई नई तकनीक का उपयोग करने हेतु प्रोत्साहित हो सके l
कार्यक्रम मे 25 गांवो के 65 से अधिक किसानो एवं डीएससी संस्था के कार्यकर्ता द्वारा सहभागिता की गई। एवं सभी का आभार रूपाली यादव और कृतिका राही द्वारा किया गया।

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