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Dharmendra Singh

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February 16, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

कलेक्टर बंगले के कर्मचारी खिम्मू चौहान ने पटवारी के साथ सांठगांठ कर जीवित मां को किया मृत घोषित

कलेक्टर एवं तहसीलदार ने पुलिस को लिखा पत्र अब पुलिस कर रही मामले की जांच

छिंदवाड़ा कलेक्टर बंगले में माली के पद पर कार्यरत कर्मचारी खिम्मू चौहान ने जमीन के छोटे से टुकड़े के लिए अपनी सगी जीवित मां को मृत बताकर किया धोखाधड़ी मामला जब उजागर हुआ तो उस मां के नाबालिक बच्चों बालिक होने पर अपना हक और अधिकार मांगते हुए। जानकारी जुटाने पर पता चला की एक कलयुगी पुत्र ने अपनी ही जीवित मां को मृत बातकर जमीन के छोटे से टुकड़े के लिए सोनपुर की जमीन पर नाना को पिता बताकर मां को मृत घोषित करा कर नामांतरण करा लिया है। मां के छोटे पुत्र बुद्धनाथ चौहान ने बताया उमरेठ तहसील के अंतर्गत ग्राम पटपड़ा की भूमि पर खिम्मू चौहान ने मां दशोद चौहान के बिना अनुमति के अंगूठा निशानी लेकर रजिस्ट्री बेनाम कराकर अपना नाम दर्ज करा कर रजिस्ट्री में मां के छोटे पुत्र मनोज एवं बुद्ध नाथ को नाबालिक बताया गया है वही नामांतरण में उनका नाम शामिल कर विक्रय किया गया बताया गया है जो फर्जी तरीके से नाम दर्ज करना सामने आया है जबकि छोटे पुत्रों ने विक्रय विक्रय पत्र व रजिस्ट्री बेनाम में कहीं भी अंगूठा निशानी या हस्ताक्षर नहीं किए हैं उक्त विवादित भूमि को खिम्मू चौहान ने शंभू यदुवंशी और शिक्षक बलराम चंद्रवंशी को विक्रय कर दिया है। जब जानकारी छोटे भाइयों को लगी तो उन्होंने ऑनलाइन दस्तावेज खंगालने पर पता चला जिसमें बड़े भाई खिम्मू चौहान की करतूत सामने आई है। जिसमें जीवित मां को मृत बताकर नामांतरण कराना दर्शाया गया है।
ज्ञात रहे कि छिंदवाड़ा जिले के नगर सोनपुर एवं उमरेठ तहसील की ग्राम पटपड़ा की भूमि को अनुचित तरीके से छल कपट करते हुए छिंदवाड़ा कलेक्टर बंगले में कार्यरत वेतन भोगी कर्मचारी का कारनामा सामने आया है। जीवित मां और छोटे बच्चों ने विभागीय अधिकारीयों कई बार शिकायत कर अवगत कराया किंतु विभागीय अधिकारी द्वारा यह मामला धोखाधड़ी से संबंधित होने के कारण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस को पत्र लिखकर जांच के आदेश दिए थे। किंतु अभी तक यह जांच में धोखाधड़ी से संबंधित अवलोकन से जांच होना बताया जा रहा है। किंतु दोषियों पर विभाग द्वारा कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि उक्त विवादित भूमि पर ऑनलाइन दस्तावेज में जीवित मां को मृत दर्शाया गया है। 70 वर्षीय माता जी एवं उनके पुत्रों ने अन्य विभागों में शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
। जिस भुमि में नामंत्रण में जीवित मां को मृत दर्शाया गया है।जो ऑनलाइन सत्यापित प्रति में देखा जा सकता है।
इसी जमीन विवाद के चलते जीवित मां के छोटे पुत्र पर भी प्राण घातक जानलेवा हमला भी कराया जा चुका है।आखिरकार वृद्ध मां को कब मिलेगा न्याय उस कलयुगी पुत्र जिला कलेक्टर के कर्मचारी होने के नाते विभागों में दबाव बनाने के कारण वास्तविकता में शिकायतकर्ताओं को न्याय नहीं मिल पा रहा है आखिर कब जागेगा प्रशासन और कब होगा वृद्ध मां एवं पीड़ित परिजनों के साथ न्याय पहले तो यह कलयुगी पुत्र ने अपनी ही मां को जीते जी जमीन के थोड़े से टुकड़े के लिए मृत बताकर नामांतरण करा लिया वही मां के पढ़े लिखे न होने का फायदा उठाकर छोटे भाइयों का हक छीनते हुए फर्जी तरीके से मां से अंगूठा निशानी लेकर रजिस्ट्री बैनामा करा कर खानदानी भूमि को अपने नाम कर कर अन्य को विक्रय कर दिया है। ज्ञात रहे यह मामला वर्ष 93 में जीवित मां को सोनपुर के मकान की भूमि में मृत घोषित कर वर्ष 1996 में उमरेठ तहसील की पटपड़ा की भूमि में मां के पति के निधन होते ही मां एवं उनके नाबालिक बच्चों के नाम आते ही अनुचित रीति से अपने कलेक्टर बंगले के कर्मचारियों ने अपना नाम दर्ज करने का मामला सामने आया है नाबालिक रहे बच्चे अब बालिक हो गए हैं। और उन्होंने अपना हक और अधिकार जताते हुए समस्त दस्तावेज खंगालने के बाद जिला कलेक्टर सहित अन्य विभागों में शिकायत कर न्याय की गौहर लगाई है।