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Dharmendra Singh

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April 2, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

लोकेशन=जिला अनूपपुर

 

आचार सहिता में सहायक आयुक्त सरिता नायक ने अधीक्षकों पर दवाव बना कर करवा दिए करोड़ों के सामग्री खरीदें,, के आर्डर*

 

*दिनांक 29/5/2024 को अधीक्षकों की बैठक बुलाकर छात्रावास संबंधी सामग्री खरीदें,,के लिए दबाव बनाया*

 

*लोकेशन=जिला अनूपपुर मप्र*

 

 

*रिपोर्ट=मुकेश सिंह तोमर रिपोर्टर*

 

सहायक आयुक्त सरिता नायक एवं स्टोर शाखा प्रभारी अधिकारी संतोष बाजपेयी के इशारे पर अनूपपुर जिले के छात्रावास अधीक्षक हुऐ बेलगाम,, आचार संहिता में स्टोर लिपिक के,के, परस्ते के भतीजे की फरम प्रभात सेल्स को दिए लाखो रुपए की गुणवत्ता विहीन सामग्री खरीदने के आर्डर कलेक्टर और सीईओ जिला पंचायत को किया जा रहा गुमराह,,,

 

कलेक्टर अनूपपुर द्वारा जी,ई,एम पोर्टल की खरीदी में मेट्रो पेलेट करने वाले कम्प्यूटर ऑपरेटर सोनू राठौर को निकाल दिया गया था,,, उसी दोषी कंप्यूटर ऑपरेटर के माध्यम से वर्क फोर होम की सेवाएं लेकर दिया गया था अंजाम,,,

 

सहायक आयुक्त कार्यलय में भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा। पिछले साल इसी प्रकार की लगभग 3,0 करोड़ की

खरीदी में आर्थिक अपराध द्वारा कलेक्टर अनूपपुर को जांच करवाई जा रही हैं कि फिर करोड़ों रूपये की खरीदी का मामला सामने आ गया।।

 

पूर्व में निर्मला सिंह पत्रकार के द्वारा घटिया सामग्री खरीदे जाने की शिकायत,, आर्थिक अपराध लोकायुक्त रीवा में की गई थी।।मामला दर्ज भी हुआ था,, किंतु आज दिनांक तक किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं की गई। जिला अनूपपुर कलेक्टर को जांच करने के लिए मामला सौंपा गया था, लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लेते हुए,सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग कार्यलय की शिकायत, कलेक्टर द्वारा सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग कार्यलय को जांच के लिए भेज दी गई।।

 

कुल मिलाकर आर्थिक अपराध में मामला दर्ज होने के पर भी सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग कार्यलय में मामले को दबाने की कोशिश में लीपा पोती कर ,,,दोषी को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

 

जिस कारण दोषी के हौसले बुलंद हैं। देखना होगा मामले की जांच कब तक होगी।।या फिर शासन की राशि का दुरुपयोग ऐसे भ्रष्ट अधिकारी द्वारा होता रहेगा।

कब तक दोषी को प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त होता रहेगा।अब घूम घूम कर बासुरी अभियान शुरू,, यह भी देखना होगा,,इस बार बांसुरी कितने करोड़ की बजने वाली है,, क्योंकि सईयां भए कोतवाल, फिर डर किस बात का,,के नाम की बांसुरी बजती रहेगी।

 

रिपोर्ट=मुकेश सिंह तोमर रिपोर्टर